भिवानी। बिजली निगम कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल के चलते वीरवार को जिले के 175 से अधिक गांवों में आठ से दस घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही जबकि आधे शहर में करीब छह घंटे बिजली गुल रही। ब्रेकडाउन फीडर चालू नहीं होने से जिला नागरिक अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, जिला कारागार और लघु सचिवालय सहित कई सरकारी संस्थानों का कामकाज प्रभावित हुआ वहीं औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन भी ठप रहा।
निजी बिजली वितरण कंपनियों को लाइसेंस देने के विरोध में कर्मचारियों और अधिकारियों ने बुधवार देर रात से हड़ताल शुरू कर दी थी। ग्रामीण क्षेत्रों में देर रात और शहरी क्षेत्रों में सुबह आठ बजे से फीडर ब्रेकडाउन होने के कारण आपूर्ति ठप हो गई। कर्मचारियों ने फीडर चालू नहीं किए और लाइनों में फॉल्ट ठीक करने के लिए फील्ड स्टाफ भी उपलब्ध नहीं रहा। जिले के 312 गांवों में से अधिकांश को चार से पांच घंटे के बिजली कट भी झेलने पड़े।
जिला नागरिक अस्पताल के स्पेशल फीडर में खराबी आने से अस्पताल और पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में करीब पांच घंटे बिजली आपूर्ति बंद रही। इससे ओपीडी में मरीजों और चिकित्सकों को परेशानी हुई तथा जांच रिपोर्ट तैयार करने का काम भी प्रभावित हुआ। एसडीएम महेश कुमार और डीएसपी ने 132 केवी पावर सब स्टेशन पहुंचकर इमरजेंसी फीडर चालू कराया।
लघु सचिवालय समेत विभिन्न सरकारी कार्यालयों में भी दिनभर बिजली आपूर्ति बाधित रहने से कामकाज प्रभावित हुआ। भिवानी तहसील के अलावा बवानीखेड़ा और लोहारू तहसील कार्यालयों में भूमि की रजिस्ट्री और अन्य कार्य प्रभावित रहे। ग्रामीण फीडरों पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने संज्ञान लेकर आपूर्ति बहाल कराई जबकि सब स्टेशनों के बाहर पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाला।
हड़ताली कर्मचारियों और अधिकारियों ने सर्कल कार्यालय के बाहर धरना देकर नारेबाजी की। किसान संगठनों, अन्य जनसंगठनों और विभिन्न कर्मचारी यूनियनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। ग्रामीण क्षेत्रों के 33 केवी पावर सब स्टेशनों पर पटवारियों और पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। एसडीएम महेश कुमार ने बिजली सब स्टेशनों का निरीक्षण कर निगम अधिकारियों को जरूरी सेवाएं प्रभावित न होने देने और 11 केवी फीडरों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शहर के औद्योगिक सेक्टरों में उत्पादन ठप, लाखों का नुकसान
औद्योगिक सेक्टरों में ब्रेकडाउन फीडर चालू नहीं होने से अधिकांश इकाइयों में उत्पादन ठप रहा। ऑर्डर समय पर पूरे नहीं हो सके और माल का उत्पादन रुकने से उद्योग संचालकों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ। शहर में 450 से अधिक लघु उद्योग हैं जहां जनरेटर से बिजली आपूर्ति के लिए भी कुछ घंटों का ही बैकअप उपलब्ध है।
शहर के 132 केवी सब स्टेशन से सभी फीडरों का संचालन किया गया लेकिन 33 केवी सब स्टेशनों पर 11 केवी फीडर ब्रेकडाउन होने के बाद उन्हें चालू नहीं किया गया। एसडीएम ने कर्मचारियों से इमरजेंसी फीडर चालू कराया। ब्रेकडाउन हुए फीडरों का संचालन कर्मचारियों ने नहीं किया। - दयाचंद रोहिल्ला, कार्यकारी अभियंता, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम, भिवानी