शहर का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट मानसून सीजन के दौरान बरसाती व सीवरेज का पानी झेलने की स्थिति में कतई नहीं है। अगर विभाग जल्द ही नहीं चेता तो शहर को जलमग्न होते देर नहीं लगेगी। पिछले दिनों से हो रही बारिश की वजह से यह एसटीपी जवाब देने लगा है। एक बार यह प्लांट टूट भी चुका है।
शहर का 60 फीसदी सीवरेज व बरसाती पानी इसी प्लांट में जा रहा है। दिल्ली बाईपास के समीप बना यह प्लांट पहले से ही ओवरफ्लो की स्थिति में है। अब तो आसपास का एरिया पूरी तरह से तराई बना हुआ है। प्लांट के ओवरफ्लो की वजह से शहर की सीवरेज लाइनों से दूषित पानी प्लांट तक नहीं पहुंच पा रहा है जिससे सीवरेज आए दिन बैक मार रहे हैं।
बजट राशि मंजूर लेकिन फिलहाल उपाय नहीं
इस प्लांट के लिए 10 करोड़ की राशि मंजूर हो चुकी है लेकिन बारिश के सीजन में शहर को बरसाती पानी से बचाने के लिए विकल्प नजर नहीं आ रहा है। विभाग जैसे तैसे शहर व आस पास के क्षेत्र में स्थित जोहड़ों में सीवरेज व बरसाती पानी डाले जाने की प्लानिंग कर रहा है। इसके लिए शहर के मेन रोहतक चौक से नाले के जरिए बरसाती पानी को सीसीआई परिसर स्थित खाली जगह में छोड़े जाने की प्लानिंग है। भारी बारिश होने पर सीसीआई के आसपास की कालोनियों में जलभराव की समस्या गहरा सकती है। सीसीआई के साथ लगती गांधी नगर कालोनी, चंपापुरी कालोनी, दिल्ली बाईपास बस्ती, रावलधी बाइपास एरिया, दिल्ली बाइपास क्षेत्र में जलभराव की समस्या बढना स्वाभाविक है।