बिजली निगम ने उपभोक्ताओं के पुराने इलेक्ट्रानिक मीटर चेंज कर नए मीटर तो लगा दिए लेकिन आज तक इन मीटरों को रिकार्ड में अपडेट नहीं किया गया। अब निगम के कर्मचारी जीरो रीडिंग दर्शाकर मनमाफिक बिजली बिजली भेज रहे हैं। ऐसे करीबन 11 सौ से अधिक उपभोक्ता हैं जो बिल ठीक करवाने के लिए आए दिन अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
बिजली निगम ने जनवरी-फरवरी में शहर में 11 सौ से अधिक इलेक्ट्रानिक मीटर चेंज किए थे। पुराने इलेक्ट्रानिक मीटरों की जगह नए मीटर लगाए गए थे। जहां मकानों के अंदर मीटर लगे थे उनको भी बाहर लगा दिया गया था ताकि मीटर में गड़बड़ी होने व चोरी की शिकायतों पर अंकुश लगाया जा सके। अब करीब छह माह बीतने को हैं निगम ने यह मीटर चेंज तो कर दिए लेकिन रिकार्ड में आज तक अपडेट नहीं किया। ऐसे में उपभोक्ताओं को मनमाना बिल थमाया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं पर दोहरी मार पड़ रही है।
जीरो रीडिंग पर भेजा जा रहा एक हजार से पांच हजार तक का बिल
उपभोक्ता नरेश, संजय, विनोद, रामफल व सुंदर आदि ने बताया कि निगम ने इस माह जीरो यूनिट दर्शाकर मनमाना बिल भेज दिया है। मनमाने तौर पर एक हजार से पांच हजार तक का बिल थमा दिया है जबकि इन मीटरों ने नियमित रूप से रीडिंग दर्शा रखी हैं। रीडिंग के अनुसार बिजली बिल नहीं भेजा गया। उपभोक्ताओं का कहना है कि मीटर द्वारा दर्शाई गई यूनिट का ही बिल दिया जाना चाहिए था। उनका कहना है कि निगम की ओर से 61 दिनों का बिल भेजा गया है।
यूं भुगतना पड़ रहा लापरवाही का खामियाजा
अपडेट करवाने के लिए निगम की ओर से लंबी प्रक्रिया बनाई गई है। सर्वप्रथम संबंधित क्लर्क से नए मीटर की डिटेल निकलवानी पड़ती है। तत्पश्चात अपने क्षेत्र के जेई से वेरीफिकेशन मांगी जाती है और उसके बाद एसडीओ की मंजूरी लेनी होती है फिर इसे कंप्यूटर में फीड करवाना होता है तब जाकर मीटर रिकार्ड में अपडेट हो पाता है इसके दो से तीन दिन का समय लग जाता है। इन उपभोक्ताओं का कहना है कि निगम को मीटर चेंज करने के साथ-साथ ही रिकार्ड में यह मीटर अपडेट करने चाहिए थे।