दादरी में वीआईपी आने पर छेड़छाड़ पीड़ित एक छात्रा के घर के बाहर पीसीआर खड़ी करने पर विवाद हुआ और परिजनों की पुलिस से नोकझोंक हुई। विवाद के दौरान पीड़ित छात्रा की मां की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जिन्हें उपचार के लिए पहले बाढड़ा सीएचसी और फिर भिवानी इमरजेंसी ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि कोई भी वीआईपी भिवानी या दादरी आता है तो उनके घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी जाती है, ताकि वे किसी से मिल न सके और इससे उन्हें परेशानी होती है।
उल्लेखनीय है कि पिछले करीब पांच महीने पहले एक छात्रा ने स्कूल शिक्षक पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। इसमें संचालक पर भी केस दर्ज हुआ था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। इसी मामले को लेकर बच्ची को वापस स्कूल में एडमिशन दिलाने के लिए बच्ची की माता ने काफी संघर्ष किया। सुनवाई नहीं होने पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में जहरीला पदार्थ भी निगला था।
मंगलवार को एक पुलिस पीसीआर पीड़ित छात्रा के घर के बाहर खड़ी हुई। लड़क़ी के परिजनों ने इस पर आपित्बात जताई। जिस पर पुलिस और परिजनों में तीखी नोंक-झोक हुई। बहस के दौरान लड़की की माता की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। महिला के पति ने आरोप लगाया कि जब वह भिवानी जा रहे था तो भी पीसीआर उनका पीछा कर रही थी। रास्ते में गाड़ी रोक कर पुलिस से पीछा करने का कारण पूछा तो भी पुलिस ने कोई जवाब नहीं दिया। जब वे भिवानी इमरजेंसी पहुंचे तो भी बाढड़ा थाना पुलिस यहां पहुंची। बेहोश हुई महिला के पति ने बताया कि करीबन पांच महीने पहले उसकी बेटी के साथ निजी स्कूल के टीचर द्वारा कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई थी, जिस मामले में स्कूल निदेशक पर भी आरोप लगे थे। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी टीचर को भी गिरफ्तार कर लिया था। मगर निजी स्कूल द्वारा उसकी बेटी को मध्य शिक्षा सत्र के ही स्कूल से बाहर निकाल दिया। महिला के पति ने पुलिस प्रशासन पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए है। उनका आरोप है कि पुलिस बार9बार उनके घर के बाहर कर्मचारियों की तैनाती कर उन्हें परेशान कर रही है। उन पर मामले में समझौते का भी नाजायज दबाव बनाया रहा है। वहीं अस्पताल पहुंची महिला को इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार दिया गया। महिला को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।