भिवानी/बवानीखेड़ा। बदमाशों की बिना नंबर की कार की सूचना पर सीआईए टीम ने लुहारी जाटू गांव के ग्रामीणों की गाड़ी का पीछा किया और हवाई फायर किया तो ग्रामीण भड़क गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। हालांकि जाम की सूचना पर तुरंत पुलिस पहुंची और बाद में डीएसपी ने ग्रामीणों को समझाकर मामला शांत करवाया।
बीते शनिवार की रात को सीआईए टीम ने एक ट्रक को भारी मात्रा में अवैध शराब के साथ पकड़ा था। पुलिस को सूचना मिली थी कि बदमाशों की एक बिना नंबर की गाड़ी आ रही है। जिसमें हथियारों के साथ कुछ युवक हैं, जो आपराधिक घटना के लिए जा रहे हैं। जिस पर पुलिस टीम ने मोर्चा संभाला। इसी दौरान लुहारी जाटू गांव से कुछ लोग पेपर देने गए हुए थे। यह गाड़ी भी बिना नंबर की थी। पुलिस ने इसे बदमाशों की समझ रुकने का इशारा किया। गाड़ी में सवार लोगों ने पुलिस वालों को बदमाश समझकर गाड़ी भगा दी। पुलिस टीम उनका पीछा करते हुए लुहारी जाटू गांव तक पहुंची। जिसके बाद गाड़ी सवार लोगों ने जानकारी दी।
इसी के विरोध में पुलिस टीम पर कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सोमवार सुबह करीब 11 बजे रोड जाम कर दिया। सूचना पर सीआईए इंचार्ज श्रीभगवान यादव, बवानीखेड़ा थाना प्रभारी रविंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि यह सिर्फ गलतफहमी थी। जिसे पकड़ना था, उनकी गाड़ी भी बिना नंबर की थी और ग्रामीणों की गाड़ी भी बिना नंबर की थी। लेकिन ग्रामीणों ने तीन बजे तक मामला दर्ज करने का अल्टीमेटम देकर दोबारा रोड जाम करने की बात कही। दोपहर बाद तीन बजे डीएसपी विरेंद्र सिंह बवानीखेड़ा थाना पहुंचे और ग्रामीणों को भी बुलाया गया। जिसके बाद मामला शांत किया गया।
सी-टेट की परीक्षा देने जा रहे थे, पीछा कर चलाई गोली
लुहारी जाटू निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि उसे अपने दोस्त भिवानी के फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी राजकुमार की पत्नी सुनीता को रविवार सुबह सी-टेट का पेपर दिलाने के लिए करनाल जाना था। परंतु मेहंदीपुर जाने के कारण उसने अपने भाई धर्मबीर को भिवानी भेज दिया। जहां रविवार सुबह फ्रेंड्स कॉलोनी से निकलते ही एक गाड़ी में सवार कुछ सवार युवकों ने उनकी गाड़ी के सामने अपनी गाड़ी अड़ा दी। आपराधिक घटना की आशंका के चलते धर्मबीर ने अपनी गाड़ी तेज रफ्तार से दौड़ा दी। लुहारी जाटू में जैसे ही वे पंजाब नेशनल बैंक की ब्रांच के समीप पहुंचे तो पीछा कर रही गाड़ी से युवकों ने फायरिंग कर दी। इसकी सूचना तुरंत 100 नंबर पर भी दी गई। सूचना पाते ही थाना प्रभारी रविंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। हमने इसकी शिकायत की मगर पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया।
बिना नंबर की गाड़ी में अपराधियों की सूचना पर पुलिस टीम कर रही थी काम
सीआईए-2 के इंचार्ज इंस्पेक्टर श्रीभगवान यादव ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना थी कि रविवार अल सुबह बिना नंबर की गाड़ी से कुछ अपराधी किस्म के लोग किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। जिसकी सूचना पर उनके कर्मचारी भिवानी जेल के पास उस गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान गुप्त सूचना के अनुसार एक बिना नंबर की गाड़ी उसी रास्ते से आती दिखाई। गाड़ी को रुकवाने का प्रयास किया मगर चालक ने गाड़ी नहीं रोकी। उनका पीछा किया गया। लुहारी जाटू में पहुंचने पर उनकी तसदीक कर उन्हें बताया गया कि वे सीआईए स्टाफ के कर्मचारी हैं। उन्हें आईकार्ड भी दिखाया गया। इसी दौरान शराब तस्करों से 491 पेटी शराब सहित एक ट्रक भी पकड़ा गया।
वर्जन-
बिना नंबर की गाड़ी व सूचना को ध्यान में रखते हुए पुलिस टीम के कर्मचारियों को गलतफहमी हो गई थी। थाना में दोनों पक्षों को बुलाकर गलतफहमी को दूर करने का प्रयास किया गया है।
- डीएसपी वीरेंद्र सिंह।