दो गिरोह के बीच पिछले दस सालों से खूनी रंजिश चली आ रही थी। इसी रंजिश में गांव गारनपुरा खुर्द निवासी मनजीत उर्फ मीनिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसी हत्याकांड में सीआईए की टीम के हत्थे शूटर लगा है, जिसने मनजीत को सबसे पहले चार गोलियां दाग दी थी। सीआईए टीम इंचार्ज योगेश हुड्डा की टीम ने गांव गारनपुरा खुर्द निवासी मंजीत उर्फ मीनिया हत्याकांड में निंदाना महम निवासी अमित उर्फ मिता को गिरफ्तार किया है। मंजीत की पांच जून को घर की छत पर सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
डीएसपी हेडक्वार्टर वीरेंद्र सिंह ने मंजीत हत्याकांड का खुलासा करते हुए कहा कि सीआईए व साइबर सेल की संयुक्त टीम ने पांच जून को गारनपुरा निवासी मनजीत की घर की छत पर सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में मुख्य शूटर निंदाना निवासी अमित उर्फ मिता था, जिसने सबसे पहले उस पर चार गोलियां दागी थी। मनजीत के भाई संदीप की शिकायत पर तोशाम थाने में हत्या का केस दर्ज हुआ था। उन्होंने बताया कि पिछले दस सालों से एक हत्या के बाद से ही दोनों गिरोह में खूनी जंग छीड़ी हुई थी। एक गिरोह में विनोद और विकास पिंजोखरा शामिल थे, जबकि दूसरे गिरोह में मनजीत था। दोनों ही तरफ से हमले के करीब पांच से छह मुकदमे दर्ज हैं। मनजीत के भाई संदीप ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया था कि विनोद और विकास पिंजोखरा ने ही रंजिश के चलते उसके भाई की गोली मारकर हत्या कराई थी। डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि अमित के अन्य साथियों की तलाश में भी टीमें छापा मारने गई हुई हैं। कुछ साथी भिवानी व रोहतक से संबधित हैं, जबकि कुछ अन्य जिलों से भी हैं। इन दोनों गिरोह की रंजिश दस साल पहले एक व्यक्ति की हत्या से शुरू हुई थी। जिसके बाद दोनों ही गुटों की तरफ से एक दूसरे पर हमला किया गया। जिस पर दोनों ही तरफ से चार से पांच केस भी दर्ज किए गए थे। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जबकि उससे हत्या में इस्तेमाल किया गया पिस्तौल भी बरामद हो गया है।