सब इंस्पेक्टर सचिन शर्मा को मुखाग्नी देता 7 वर्षीय बेटा।
जूई (भिवानी)। तस्करों के हमले में घायल गुजरात पुलिस में कार्यरत पोकरवास गांव निवासी सब इंस्पेक्टर सचिन शर्मा (38) की वीरवार को मौत हो गई। वहीं, शुक्रवार को गांव में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ।
जूई कलां के थाना प्रभारी संजय कुमार के अनुसार सचिन शर्मा गुजरात पुलिस में एसआई के पद पर कार्यरत थे। 17 जुलाई अलसुबह उनके पास घटना के संबंध में फोन आया था। उन्हें बताया गया कि दो शराब तस्करों को सचिन ने मौके पर पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान हाथापाई में एक आरोपी ने सचिन के सीने पर वार कर दिया। इसके बाद उन्हें भावनगर के पीएसएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उपचाराधीन सचिन ने परिजनों को भी हादसे की जानकारी दी थी। जब गांव से उनके परिजन भावनगर पहुंचे तो उनकी हृदय गति रुकने से मौत हो चुकी थी।
गुजरात पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। शुक्रवार को एंबुलेंस से उनका पार्थिव शरीर पोकरवास पहुंचा। शाम को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सचिन शर्मा के परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं। 7 वर्षीय बेटा और 7 महीने की बेटी। जूई कलां के थाना प्रभारी संजय कुमार ने कहा कि सचिन शर्मा ने शराब तस्करों को पकड़ने के लिए अपनी जान की परवाह तक नहीं की। ड्यूटी निभाते हुए वे शहीद हुए हैं।
अंतिम यात्रा में लगे सचिन अमर रहे के नारे
गांव पोकरवास में सचिन शर्मा का राजकीय शोक सम्मान के साथ दाह संस्कार किया गया। इस दौरान गांव में सचिन शर्मा अमर रहे के नारे लगे। 11 पुलिस कर्मियों ने उन्हें सलामी दी। उनके बेटे विराज ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस अवसर पर प्रमुख समाजसेवी मनीराम शर्मा, बीईओ आनंद शर्मा, पूर्व सरपंच डॉक्टर जयशंकर, पूर्व बीडीसी सुरेंद्र लाला, भारत शर्मा, राजेश नंबरदार, प्रिंसिपल प्रवीण शर्मा उपस्थित रहे।