भिवानी के कस्बा बवानीखेड़ा क्षेत्र के गांव बलियाली में नल के लिए गड्ढा खुदाई कर उसके अंदर उतरे एक प्लंबर की मिट्टी खिसककर नीचे दबने से मौत हो गई। कई घंटों बाद परिजनों को गड्ढे के बाहर मृतक के मोबाइल फोन और चप्पलों से अंदाजा हुआ तो मिट्टी हटाकर शव बाहर निकाला। बवानीखेड़ा पुलिस ने मृतक के बेटे के बयान पर इस संबंध में इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की।
गांव बलियाली निवासी 45 वर्षीय रामफल सोमवार की शाम को गांव में ही एक घर के समीप नल लगाने के लिए करीब साढ़े छह फुट गड्ढे की खुदाई कर रहा था। खुदाई के बाद उसने अपनी चप्पल और मोबाइल फोन गड्ढ़े के बाहर रख दिया और फिर गड्ढे के अंदर उतर गया। मकान के निकट ही पंचायत भवन निर्माण के दौरान मिट्टी की भरती कराई गई थी।
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भरती की मिट्टी उस गड्ढे के अंदर खिसक गई। जिससे अंदर काम कर रहा प्लंबर नीचे दब गया। कई घंटे बाद शाम को जब प्लंबर घर नहीं लौटा तो परिजन उसे तलाशते हुए पहुंचे। गड्ढे के बाहर रामफल का मोबाइल और चप्पल निकली देखकर परिजनों को गड्ढे में दबने का अंदेशा हुआ तो फिर गड्ढे की मिट्टी निकलवाई।
जिसके नीचे दबे रामफल की मौत हो चुकी थी। बवानीखेड़ा पुलिस थाना के जांच अधिकारी एएसआई अमित कुमार ने बताया कि मृतक रामफल के बेटे समुंदर के बयान दर्ज कर इस संबंध में इत्तफाकिया मौत मामले की कार्रवाई की गई है। मृतक दो बच्चों का पिता था।