पॉवर ग्रिड मामले में लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करते किसान व विभिन्न जनसंगठनों के लोग। संवाद
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भिवानी। किसानों को बिना मुआवजा खेतों में बड़े बिजली टावर लगाए जाने के विरोध में मंगलवार को लघु सचिवालय परिसर के बाहर संयुक्त किसान मोर्चा सहित विभिन्न जनसंगठनों के पदाधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के उपरांत जनसंगठन पदाधिकारियों व किसान नेताओं ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को भी मांग पत्र भेजा। किसानों ने तीन कृषि कानूनों के साथ साथ किसान हितों पर लगातार प्रहार किए जाने का आरोप लगाते हुए सरकार को भी आड़े हाथों लिया।
लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी एवं किसान नेताओं के साथ जनसंगठन पदाधिकारियों ने सरकार पर किसान हितों पर कुठाराघात किए जाने का आरोप लगाया। ठाकुर अमर सिंह, किसान नेता जागेराम पूर्व सरपंच, प्रोफेसर राजेंद्र सिंह सांगवान, मा. शेर सिंह, करतार सिंह ग्रेवाल, ओमप्रकाश सैनी, कामरेड ओमप्रकाश, बलबीर बजाड़, दिलबाग सिंह ग्रेवाल ने कहा कि गांव निमड़ीवाली सहित हालुवास में बिजली निगम के अधिकारी बड़े बिजली टावर लगा रही है। जिन किसानों के खेतों में टावर लगाए जा रहे हैं, उन्हें उचित मुआवजा भी नहीं मिला है। किसानों का आरोप है कि निगम अधिकारी पुलिस बल के साथ जबरन किसानों के खेतों में टावर लगवा रहे हैं, विरोध करने पर किसान नेताओं व उनके परिजनों के साथ भी पुलिस बल इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि टावर लगाने से पहले किसानों को उचित मुआवजा मिले और बल पूर्वक टावर लगाने का काम बंद कराया जाए। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर बिजली निगम अधिकारियों व प्रशासन ने बलपूर्वक टावर लगाने का प्रयास किया तो किसान इसके विरोध में बड़ा आंदोलन करेंगे और किसी भी कीमत पर किसानों की मर्जी के खिलाफ टावर नहीं लगने देंगे। प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों के माध्यम से किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री को भी मांग पत्र भेजा।