भिवानी। जमाबंदी और इंतकाल पोर्टल की तकनीकी खामियों समेत विभिन्न मांगों को लेकर पटवारी-कानूनगो की हड़ताल बुधवार को पांचवें दिन भी जारी रही। दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर जिले के पटवारी और कानूनगो सुबह नौ से शाम पांच बजे तक हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने जिला उपायुक्त को राजस्व मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों के समाधान की मांग की।
राज्य उपप्रधान विकास राठी ने कहा कि जमाबंदी और इंतकाल के लिए जारी पोर्टल की सभी तकनीकी कमियां दूर की जाएं और पोर्टल पर होने वाली तकनीकी गलतियों की जिम्मेदारी आईटी विभाग की तय हो। यदि पोर्टल पूरी तरह सही है तो इससे जारी जमाबंदी, इंतकाल समेत सभी रिकॉर्ड पर आईटी विभाग के प्रमुख के हस्ताक्षर होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि 25 अगस्त से सभी पटवारियों की यूजर आईडी भी आईटी विभाग ने बंद कर दी हैं और ऑटो म्यूटेशन किए जा रहे हैं। इनकी जिम्मेदारी भी आईटी विभाग की तय की जाए। पोर्टल को कानूनी मान्यता देने के लिए संशोधित लैंड रिकॉर्ड मैनुअल जारी किया जाए। जब तक पोर्टल तकनीकी और राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, तब तक इसे किसी एक गांव या तहसील में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाकर कमियां दूर की जाएं।
राठी ने डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम अन्य राज्यों की तर्ज पर निजी एजेंसी से करवाने, नवनियुक्त पटवारियों से संबंधित कैबिनेट से मंजूर फाइल का नोटिफिकेशन जारी करने और एक जनवरी से बकाया वेतन का एरियर देने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से लंबित एलटीसी और गिरदावरी सहायक मानदेय का एकमुश्त भुगतान भी तुरंत किया जाए।
धरने को कर्मचारी संगठनों ने दिया समर्थन
धरने की अध्यक्षता तहसील प्रधान विक्रांत शर्मा ने की, जबकि मंच संचालन पूर्व जिला प्रधान सुनील कौशिक ने किया। सर्व कर्मचारी संघ, अग्निशमन विभाग, नगरपालिका संघ, स्वास्थ्य विभाग, किसान सभा, बिजली बोर्ड और रोडवेज विभाग के कर्मचारियों ने धरने को समर्थन दिया। किसान सभा से कामरेड ओमप्रकाश, पूर्व राज्य कोषाध्यक्ष सुखदर्शन सरोहा, धर्मवीर भाटी, नरेंद्र दिनोद और पुरुषोत्तम दानव ने हरियाणा सरकार की नीतियों को लेकर रोष जताया। इस अवसर पर तहसील सिवानी प्रधान जयचंद, राकेश बाली, शैलेश गौड़, कानूनगो शैलेश गौड़, पटवारी मिलन सिंह, प्रीति और नेहा मौजूद रहीं।