भिवानी। जून माह में मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। कभी 45 डिग्री पार तापमान, कभी बारिश तो कभी उमस लोगों को परेशान कर रही है। इस बदलते मौसम का असर लोगों की त्वचा पर पड़ रहा है। उमस और पसीने के कारण त्वचा पर लाल दाने, खुजली, दाद, सनबर्न जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत सहायक प्राध्यापक एवं त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. जनश्रुति ने बताया कि इस मौसम में त्वचा की कई समस्याएं सामने आ रही हैं। सूर्य की हानिकारक किरणें त्वचा को झुलसा सकती हैं। अत्यधिक पसीना त्वचा के पोर्स को बंद कर देता है, जिससे मुहांसे और फंगल संक्रमण बढ़ते हैं। नमी की कमी से त्वचा सूखी और बेजान हो सकती है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि इस मौसम में त्वचा की नियमित सफाई, हाइड्रेशन और संतुलित खान-पान पर विशेष ध्यान दें।
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मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन आते हैं 150 मरीज
राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन औसतन 150 मरीज त्वचा संबंधी रोग के आते हैं। पहले त्वचा रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 80 से 90 मरीज जांच करवाने के लिए आते थेए लेकिन गर्मी व बारिश के बाद उमस बढ़ने से लोगों में त्वचा संक्रमण बढ़ रहा है। इस कारण मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को चिकित्सक भी ऐसे मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
ऐसे करें बचाव
दिन में पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।
ऑयली और भारी मेकअप से बचें।
ताजे फल और हरी सब्जियों का सेवन करें।
जंक फूड का सेवन करने से बचें।
शरीर की अच्छे से सफाई रखें।
धूप में बाहर निकलने से बचें।
प्राकृतिक जूस व नींबू पानी का सेवन करें।
अगर संभव है तो नारियल पानी का सेवन करें।
शरीर में पानी की कमी ना रहने दें।
घरेलू नुस्खों का प्रयोग करने से बचें।
सूती कपड़ों का अधिक प्रयोग करें।
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गर्मी के मौसम में देखभाल में कमी के कारण त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ जाती हैं। ऐसे मौसम में लोगों को शरीर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अगर संभव हो तो सुबह-शाम दोनों समय स्नान करें, ताकि शरीर पर जमा धूल, गंदगी, पसीना व ऑयल को हटाया जा सकें।
- डॉ. जनश्रुति, सहायक प्राध्यापक, त्वचा रोग विशेषज्ञ मेडिकल कॉलेज भिवानी।