नागरिक अस्पताल भिवानी में चिकित्सक कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़।
भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की दो मशीनें हैं, लेकिन रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण मरीजों को एक-दो दिन बाद बुलाया जा रहा है। इसकी वजह यहां अल्ट्रासाउंड का एकमात्र चिकित्सक होना है।
जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना डेढ़ सौ से अधिक मरीज अल्ट्रासाउंड की जांच के लिए आते हैं, लेकिन शाम तक इनमें से करीब 80 मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड हो पाता है। बाकी मरीजों को अगले दिन फिर से अस्पताल आने के लिए बोला जा रहा है। हालांकि ये मामला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में भी है, लेकिन अधिकारी चाहकर भी व्यवस्था को नहीं सुधार पा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की दो मशीनें मुहैया कराई गई हैं। इसमें एक मशीन की मरम्मत या नियमित रखरखाव के कारण दूसरी मशीन से अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है। इस कारण सेवा बाधित नहीं होती और दूसरी मशीन से ये काम रोजाना चलता रहता है। इसके बावजूद वहां रोजाना केवल 80 मरीजों के ही अल्ट्रासाउंड हो पाते हैं।
इनमें ज्यादातर मरीज गर्भवती समेत आपातकालीन कक्ष में आने वाले होते हैं, जबकि सामान्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए एक या फिर दो दिन का इंतजार करना पड़ता है। ये मरीज चिकित्सक से अल्ट्रासाउंड का सुझाव और परामर्श लिखवाने के बाद अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर पहुंचते हैं तो वहां अलग से उनका नंबर लगता है।
वरीयता के ही 80 मरीज मुश्किल से अपना अल्ट्रासाउंड करा पाते हैं जबकि बाकी को अगले दिन फिर अस्पताल आना पड़ता है। जिला प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलवान का कहना है कि अल्ट्रासाउंड की सुविधा अस्पताल में उपलब्ध है, लेकिन एक ही चिकित्सक तैनात होने के कारण सभी मरीजों के अल्ट्रासाउंड उसी दिन नहीं हो पाते। ऐसे में अधिकतर मरीजों का अल्ट्रासाउंड उसी दिन कराने का ही प्रयास रहता है।