भिवानी। मई के अंतिम दिनों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा 25 मई से नौतपा भी शुरू होने वाला है। गर्मी में सुबह से शाम तक चलने वाली तेज गर्म हवा लोगों को परेशान कर रही है। ऐसे में गर्मी का प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित हो रहा है। वहीं नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीज भी पीने के पानी को तरस रहे हैं।
अस्पताल में पीने के पानी की व्यवस्था दम तोड़ रही है। अस्पताल के वार्डों में दाखिल मरीजों के तीमारदारों को बोतलों में पानी भर कर लाना पड़ रहा है। वार्डों में लगे वाटर कूलरों में पिछले चार दिन से पानी नहीं है। इस कारण मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बता दें कि नागरिक अस्पताल में मरीजों को दाखिल करने के लिए आठ वार्ड बनाए गए हैं। लेकिन वार्डों में मरीजों व तीमारदारों को ठंडा पानी उपलब्ध करवाने के लिए लगाए गए वाटर कूलर खाली पड़े हैं। तीमारदार पूरा दिन अस्पताल की गैलरियों में खाली बोतल लिए घूमते रहते हैं। कुछ मरीज तो अस्पताल से बाहर से बोतल भर कर लाते हैं। वहीं कुछ मरीज अपने पैसे से पानी की बोतल खरीद रहे हैं।
बुधवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम नागरिक अस्पताल के वार्डोें में पीने के पानी की व्यवस्था देख रही थी। इस दौरान टीम ने देखा कि वार्डों में लोग खाली बोतल लिए घूम रहे हैं। बातचीत के दौरान लोगों ने बताया कि अस्पताल में पिछले चार-पांच दिन से पानी नहीं है। पानी अस्पताल से बाहर लगे वाटर कूलरों से भर कर लाना पड़ रहा है।
कुछ तीमारदारों ने बताया कि खुद के पैसे से भी पानी खरीद कर ला रहे हैं। लेकिन गर्मी का मौसम है तो ऐसे में एक बोतल कितनी देर चलेगी। इस कारण पूरा दिन बोतल भर कर लाने में ही निकल जाता है। इसके अलावा वार्ड की सभी लिफ्ट खराब हैं तो भवन की सबसे ऊपर के वार्ड में दाखिल मरीजों व तीमारदारों को तो पानी भर कर लाने में और भी ज्यादा परेशानी हो रही है।
तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन से पीने के पानी की व्यवस्था करने की मांग की। इसके बाद टीम ने देखा की वार्ड के लगभग वाटर कूलर बंद पड़े हैं। अस्पताल के ओपीडी भवन के बाहर लगे वाटर कूलर में पानी नहीं है। लोग वाटर कूलर के पास आते हैं और टूटी चला कर पानी चैक करते हैं। लेकिन उनके हाथ निराशा हाथ लगती है। मरीज बिना पानी पीएं वापस चले जाते हैं। संवाद
अस्पताल के जच्चा वार्ड में परिवार से महिला मरीज दाखिल है। डिलीवरी होनी है। महिला को सोमवार रात को दाखिल करवाया है। लेकिन अस्पताल में रात से ही देख रहा हूं कि पीने का ठंडा पानी नहीं है। इसलिए बाहर से भर कर बोतल ला रहा हूं। प्रशासन को अस्पताल में पीने के पानी की व्यवस्था करनी चाहिए।
- अमित, तीमारदार।
पांच दिन से हमारा मरीज अस्पताल में दाखिल है। लेकिन वाटर कूलरों में पीने का पानी नहीं है। गर्मी के मौसम में पानी के बिना बुरा हाल है। बोतलों में पानी भर कर लाना पड़ रहा है।
- कविता, तीमारदार।
वाटर कूलर से पीने का पानी भरने के लिए आया था। लेकिन यहां आने के बाद देखा की अस्पताल में पानी ही नहीं है। बता रहे हैं कि अस्पताल से बाहर पानी का वाटर कूलर लगा है। वहां से भरने जा रहा हूं।
- महावीर, तीमारदार।
पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। इस बारे में जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को तीन से चार बार समस्या से अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन लागत के अनुसार पानी की सप्लाई नहीं आ रही है। पानी कम रह जाता है। जरूरत पड़ने पर टैंकरों के माध्यम से पानी का प्रबंध किया जा रहा है। मरीजों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
- डॉ. बलवान सिंह, कार्यवाहक प्रभारी, नागरिक अस्पताल भिवानी।