भिवानी। रविवार को जींद के पालवां में राज्यस्तरीय कार्यक्रम भगत शिरोमणि धन्ना की जयंती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले से कार्यकर्ताओं को जींद लेकर जाने के लिए रोडवेज बसें लगाई गई। इसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं भिवानी डिपो ने कार्यकर्ता को कार्यक्रम में लेकर जाने के लिए 65 बसें जींद डिपो को दी थी।
जबकि 28 बसें भिवानी जिले के कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में लेकर गई। कार्यक्रम के लिए तोशाम सब डिपो से 25 व लोहारू सब डिपो से 15 बसें ली गई है। जिले से कुल 93 बसें कार्यक्रम में जाने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रत्येक रूट पर बसों के फेरे बढ़ाए गए। बसें न होने के कारण ज्यादातर रूट बंद रहे। वहीं लंबे रूटों पर देरी से बसें चली।
लोहारू, तोशाम, हांसी, रोहतक रूटों पर रोडवेज बसें कम होने के कारण प्राइवेट बसों ने जमकर चांदी लूटी। रविवार को पूरे दिन प्राइवेट बसों ने इन मार्गों पर मोर्चा संभाले रखा। हालांकि रविवार को अवकाश होने के कारण दैनिक यात्रियों व विद्यार्थियों की भीड़ कम रही। रविवार को लंबे रूटों सहित जींद, हिसार, महम, बहल, गोहाना, लोहारू, दादरी, तोशाम रूटों पर बसें एक से डेढ़ घंटे के अंतराल में चली। वहीं सुई, बलियाली, कलिंगा, संजारवास ढाणी माहूं, झोझू कलां, कैरू, इंद्रीवाली, झांवरी, सागवन सहित सभी लोकल रूटों पर बस सेवा प्रभावित रहीं।
-मुझे रविवार को भिवानी से जींद जाना था। लेकिन बस न होने के कारण बस स्टैंड पर हमें करीब एक घंटे तक बस का इंतजार किया। जिसके कारण हमें परेशानी का सामना करना पड़ा।
- रोहित, यात्री।
बसें न होने के कारण मैं समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाया। किसी काम से मैं सोमवार को भिवानी से रोहतक जा रहा था। बस के लिए मुझे बस स्टैंड पर लंबा इंतजार करना पड़ा।
- गोलू, यात्री।
-सरकार के आदेश पर जींद में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए जिले से 93 बसें जींद भेजी गई। कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में लेकर जाने के लिए 65 बसें जींद डिपो को दी गई हैं। जिस भी रूट पर यात्रियों की संख्या ज्यादा थी, वहीं पर बसों के अतिरिक्त फेरे बढ़ाए गए। यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करने दिया गया।
- दीपक कुंडू, जीएम, भिवानी डिपो।