भिवानी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुरुग्राम कार्यक्रम को लेकर रोडवेज की सौ बसें जाने से सोमवार को भी भिवानी बस स्टैंड पर सैकड़ों यात्री सफर के भंवर में फंसे। लोकल रूटों पर यात्रियों को बसों के लिए दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा तो लंबी दूरी के रूटों पर 40 मिनट तक यात्री बस आने की बाट जोहते दिखे। हालांकि लंबी दूरी के सभी रूटों पर बस चली, मगर बसों के कई टाइम मिस हुए।
इसकी वजह से मुसाफिर अपने भारी भरकम सामान के साथ इधर उधर भटकते रहे। जिन वाया ग्रामीण लोकल रूटों को परिवहन समिति बसों को सौंपा हुआ है। उन पर रोडवेज की बसें नहीं चली, जबकि परिवहन समिति की बसों ने ही जमकर चांदी कूटी। प्राइवेट बसों की छतों और पायदान पर भी मुसाफिर व विद्यार्थी सफर करते दिखे। हालांकि गुरुग्राम गई बस सोमवार शाम तक वापस लौटी।
भिवानी डिपो के परिवहन बेड़े में 224 बसें हैं, जिनमें से 100 बस रविवार को गुरुग्राम भेज दी गई। इसकी वजह से रविवार को भी परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं। वहीं सोमवार को मुसाफिरों के लिए रोडवेज बसों की कमी के कारण सफर बड़ी चुनौती बनी। सोमवार को बोर्ड की परीक्षा भी आयोजित की गई, जिसके लिए ग्रामीण क्षेत्र से भी विद्यार्थी शहर पहुंचे। वहीं सोमवार को भिवानी के बस स्टैंड पर बूथों से रोडवेज बसें गायब दिखी जबकि समिति की बसों ने खूब चक्कर लगाए।
यह कोई पहला मौका नहीं है कि रोडवेज बसों को बाहर भेजने से ऐसे हालात बने। पहले भी सरकारी कार्यक्रमों में बसों को बाहर भेजा गया है। इसकी वजह से यात्रियों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं। वहीं रोडवेज अधिकारियों ने दावा किया कि सभी रूटों पर बसों का संचालन हुआ है। बसों की कमी पूरा करने के लिए कुछ रूटों से बसों को हटाकर जरूरत के हिसाब से उनका संचालन करना पड़ा है।
भिवानी से बलियाली के लिए नहीं चली रोडवेज बस
भिवानी से बलियाली के लिए कोई भी रोडवेज बस नहीं चली। जबकि बलियाली से काफी विद्यार्थी शहर में पढ़ाई के लिए आते हैं। इसी तरह लोकल रूटों के बूथों पर बसों के लिए लोगों को काफी लंबा इंतजार करना पड़ा। बस स्टैंड पर जिस समय रोडवेज बस चलाई जानी थी, उस समय पर परिवहन समिति की बसें चली। इससे रोडवेज को भी चूना लगा।
पूछताछ केंद्र पर जुटे यात्री
बस स्टैंड स्थित पूछताछ केंद्र पर भी यात्री बसों के समय सारिणी और संचालन को लेकर पूछताछ करने पहुंचे। पूछताछ केंद्र में तैनात कर्मचारी किसी बूथ पर दस मिनट में बस आने तो किसी बूथ पर 30 मिनट में बस आने की बात कहते रहे। ऐसे में बूथ के आगे थका देने वाला इंतजार भी यात्रियों को करना पड़ा। बस स्टैंड के बाहर से भी कई वाहनों ने सवारियों को उठाया।
शहर के चौक चौराहों पर जुटी मुसाफिरों की भीड़
शहर के चौक चौराहों से भी प्राइवेट बसों और वाहनों ने खूब सवारियां उठाईं। शहर के अग्रसेन चौक, बासिया भवन, घंटाघर चौक, लाला लाजपतराय चौक व भगवान परशुराम चौक से निजी वाहनों ने भी सवारियां उठाईं। वहीं बसों में पायदान पर लटककर सफर करना पड़ा।