भिवानी में पंडित नेकीराम शर्मा मेडिकल कॉलेज के तीनों खंड बनकर तैयार हो चुके हैं।
भिवानी। भिवानी में पंडित नेकीराम शर्मा मेडिकल कॉलेज के तीनों खंड बनकर तैयार हो चुके हैं। इसके बाद मेडिकल काउंसिल की टीम का निरीक्षण भी हो चुका है। हालांकि केंद्रीय कमेटी की इस टीम ने निरीक्षण में मेडिकल कॉलेज के लिए ढांचागत सुविधाओं का ही जायजा लिया है। इसके बाद मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए अब चिकित्सकों की तैनाती और चिकित्सा सुविधाएं एवं उपकरण व मशीनरी की दरकार है।
इसके बाद ही यहां ओपीडी और मेडिकल कॉलेज के सही संचालन की रुपरेखा तय होगी। दरअसल, मेडिकल कॉलेज संचालन के लिए नेशनल मेडिकल काउंसिल ही मंजूरी देगी। इसके बाद ही इसका लाभ जिले के लोगों को मिलना शुरू होगा। नेशनल मेडिकल काउंसिल अनुमति देने से पहले यहां पर ऑप्रेशन थियेटर के अंदर मशीनों और सभी स्वास्थ्य उपकरणों के स्थापित होने के बाद ही इनका निरीक्षण और जांच करेगी।
जब तक मेडिकल कॉलेज में मानकों के हिसाब से चिकित्सा सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जाती तब तक इसके शुरू होने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। अब सरकार को मेडिकल कॉलेज विधानसभा चुनाव से पहले ही चालू करने की भी चुनौती है।
भिवानी में 720 बेड का मेडिकल कॉलेज तीन खंडों में बनकर तैयार हो चुका है। निर्माण एजेंसी ने मेडिकल कॉलेज के ढांचे को तैयार कर दिया है। अब इसके अंदर मेडिकल कॉलेज के मानकों के हिसाब से चिकित्सा सुविधाएं और लाना बाकी हैं। जिन्हें धीरे-धीरे स्वास्थ्य विभाग पूरा कराने में जुटा है। जैसे ही ये मानक पूरे होंगे नेशनल मेडिकल काउंसिल इसके संचालन की अनुमति भी दे देगा।
भिवानी वासियों को पिछले करीब तीन साल से मेडिकल कॉलेज बनने का इंतजार है। हालांकि अब ये इंतजार चंद महीनों या दिनों का ही रह गया है। क्योंकि मानक पूरे होने के बाद इसे कभी भी चालू किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो यहां डेपुटेशन पर चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की व्यवस्था हो चुकी है। केवल मेडिकल कॉलेज के लिए मशीनों और स्वास्थ्य उपकरणों की व्यवस्था अभी की जा रही है।
नेशनल मेडिकल काउंसिल की टीम का एक बार निरीक्षण हो चुका है। ये टीम कई घंटों तक तीनों खंडों के अंदर निरीक्षण कर बारीकी से जायजा ले चुकी है। अब मेडिकल कॉलेज में अन्य मेडिकल सुविधाओं को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। जैसे ही ये पूरी होती हैं तो नेशनल मेडिकल काउंसिल इसे जनता के लिए खोल देने की अनुमति दे देगी। जिसके बाद इसके अंदर लोगों को उपचार मिलना शुरू हो जाएगा। -डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन भिवानी।