भिवानी। गर्मियों की छुट्टियां बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रही हैं। अधिकांश समय घर पर रह रहे बच्चे मोबाइल फोन से चिपके रहते हैं, जिसकी वजह से बच्चों में आंखों के विकार बढ़ गए हैं। अभिभावक भी बच्चों की आंखों की समस्याओं को लेकर जिला नागरिक अस्पताल में परामर्श के लिए चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। फोन को ज्यादा नजदीक से कई घंटों तक देखते रहने से बच्चों की आंखों पर इसका गहरा और विपरीत प्रभाव देखा जा रहा है।
भिवानी के जिला नागरिक अस्पताल में इनदिनों नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में लगभग 300 के आसपास मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। इनमें से मरीजों की आंखों में अलर्जी, आंखें लाल होना, आखों में पानी आना की समस्या लेकर ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इसमें अधिकांश स्कूली बच्चे भी हैं, जो दिनभर मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं।
गर्मी की छुट्टियां होने से स्कूली बच्चे घर पर रह कर फोन का इस्तेमाल ज्यादा कर रहे हैं और अपनी आंखों की परवाह नहीं कर रहे हैं। डॉ. हरजीत सिंह ने बताया कि 12 साल से छोटे बच्चों काे फोन नहीं देना चाहिए। ज्यादातर देर तक फोन देखना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। खासकर आंखों पर इसका गहरा असर पड़ रहा है।
तेज धूप और उमस की वजह से भी आंखों में बढ़ा संक्रमण
इस समय मौसम ज्यादा गर्मी और उमस भरा हो गया है। ये मौसम बीमारियों के संक्रमण के लिए अनुकूल बना है, खासकर आंखों में संक्रमित बीमारियां ज्यादा बढ़ रही हैं। इसकी वजह से आंखों में खुजली होना, पानी आना की समस्या ज्यादा बनी है। चिकित्सक भी ऐसे मरीजों को उपचार के साथ-साथ आंखों की देखभाल की भी सलाह दे रहे हैं। जो बच्चे ज्यादा फोन इस्तेमाल कर रहे हैं, उनकी आंखों की जांच के बाद उनके आंखों में चश्मे का नंबर भी दिया जा रहा है। ये बच्चे छोटी उम्र में ही चश्मे का बोझ भी आंखों पर ढोने को मजबूर हो रहे हैं।
गर्मियों की छुटि्टयों के दौरान बच्चे दिनभर घर पर रहते हुए ज्यादा समय मोबाइल इस्तेमाल कर रहे हैं। ज्यादा छोटे बच्चों को मोबाइल इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उनकी आंखों पर इसका गहरा और बुरा प्रभाव पड़ता है। बच्चों को छोटी उम्र में ही चश्मा भी लग जाता है। ऐसे में बच्चों को हम उपचार के साथ-साथ मोबाइल फोन से दूर रहने की भी सलाह दे रहे हैं। - डॉ. हरजीत सिंह, नेत्र रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।