बवानीखेड़ा की अनाज मंडी में लगी धान की ढेरियां।
बवानी खेड़ा। सरकार से जारी हिदायतों के अनुसार जिले की बवानीखेड़ा अनाज मंडी में धान की खरीद शुरू कर दी गई है। मंडी में पीआर धान की आवक शून्य है जबकि धान की अन्य किस्में जैसे 1121, 1718 और 1509 की आवक हो रही है। वहां प्राइवेट मिलर कुल 2,700 मीट्रिक टन धान की खरीद कर चुके हैं।
डीसी महावीर कौशिक ने कहा कि बवानीखेड़ा अनाज मंडी में किसानों, मजदूरों एवं आढ़तियों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन मूलभूत सुविधाओं में पक्के प्लेटफार्म, बिजली, पानी, स्वच्छ शौचालय, सफाई शामिल हैं। सरकार ने इस वर्ष से अटल कैंटीन की सुविधा भी शुरू की है। इसमें मात्र 10 रुपये में एक थाली पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई है।
पराली जलाने वाले किसानों से 30,000 रुपये तक वसूला जाएगा जुर्माना
उपायुक्त महावीर कौशिक ने बताया कि पराली जलाने वाले किसानों से वसूले जाने वाली जुर्माना राशि केंद्र सरकार ने बढ़ा दी है। अब पराली जलाने के दोषी किसानों पर दो एकड़ से कम जमीन पर पांच हजार रुपये का जुर्माना, दो से पांच एकड़ जमीन पर दस हजार रुपये और पांच एकड़ से ज्यादा जमीन वाले किसानों पर 30,000 रुपये जुर्माना किया जाएगा। इससे बचने के लिए उन्होंने किसानों से धान की फसल की कटाई के बाद अवशेषों को न जलाने का आह्वान किया है। क्योंकि फसल अवशेषों को जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। पशुओं के लिए चारे की कमी होती है। किसान फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें। फसल अवशेषों से पशुओं के लिए चारा भी बनाया जा सकता है। किसान कृषि यंत्रों की मदद से फसल अवशेषों की गांठ इत्यादि बनाकर बिक्री करके किसान अतिरिक्त आय भी कमा सकते हैं।