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निवर्तमान पार्षदों और आमजन ने वार्डबंदी सर्वे नकारा

Thu, 14 Jan 2016 12:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
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भिवानी। नई वार्डबंदी के सर्वे पर जिला प्रशासन ने एतराज क्या मांगे, कि झड़ी लग गई। लोगों व निवर्तमान पार्षदों ने वार्ड बंदी के नए ड्राफ्ट को गलतियों का पिटारा बताते हुए सिरे से नकार दिया। अधिकतर ने जातिगत सर्वे और वार्ड की सीमाओं पर सवाल उठाए।
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80 शिकायतों में से करीब 45 की हुई सुनवाई शहर के वार्डों की सीमाएं तय करने के लिए करीब दो माह पूर्व करवाई गई वार्ड बंदी पर आपत्तियां मांगी गई थी। बुधवार को एसडीएम सतपाल सिंह की अध्यक्षता में आपत्तियों पर सुनवाई की गई। सुनवाई के लिए सुबह 10 बजे समय तय किया गया था, मगर सुनवाई का काम सुबह करीब साढ़े 11 बजे के बाद ही शुरू हो पाया। करीब 80 लोगों ने आपत्तियां जताई थी। जिनमें से 45 ही अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। करीब ढाई घंटे शिकायतों पर सुनवाई चली। किसी कॉलोनी को तीन-तीन वार्डों में बांटे जाने की शिकायत की तो किसी ने एक भी एससी परिवार नहीं होने के बावजूद कागजात में एक सौ से सवा सौ तक एससी परिवार वार्ड में दिखाए जाने की शिकायत की। एसडीएम ने सभी की शिकायतें नोट की। कुछ पर सर्वे करने की बात कही तो कुछ शिकायत पर कार्रवाई करने की बात कही। इस दौरान नप सचिव संजय यादव भी मौजूद रहे।

शिकायतों की झड़ी
वार्ड 16 व 17 को जोड़कर एक वार्ड 23 बना दिया गया है। यहां सारे नियमों को नजर अंदाज किया गया है। नियम है कि 74 सौ से अधिक और छह हजार से कम जनसंख्यान हो जबकि अब बने नए वार्ड 23 की जनसंख्या 11 हजार से अधिक है। तीन ब्लॉक 14, 510, 532 पर करीब सवा सौ एससी दिखाए गए है जबकि यहां एक भी नहीं है। अन्य वार्डों का भी यहीं हाल है। वार्ड बंदी बोगस है। इसे रद कर दोबारा बनवना चाहिए।
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गोविंद बिल्लू बादशाह, निवर्तमान पार्षद

सेक्टर 13 को एक वार्ड में रखा जाए
सेक्टर 13 को तीन भागों में बांट दिया गया है। हम चाहते है कि सेक्टर 13 को ही एक वार्ड में रखा जाए। एक कॉलोनी को तो एक ही वार्ड में रखना चाहिए।
अशोक राघव

राजनीति और जात पात से प्रभावित वार्डबंदी
वार्डबंदी को राजनीतिक रूप दिया गया है। जात-पात के आधार पर मापकर वार्डबंदी करवाई गई है। वार्ड छह को एमसी कॉलोनी मोड़ तक बढ़ाया गया है जबकि वहां पहले ही जनसंख्या काफी थी। अब ये नई कॉलोनियां न जोड़ी जाए।
जेपी कौशिक

नई वार्डबंदी बिल्कुल गलत लग रही है। दुर्गा कॉलोनी, एमसी कॉलोनी एक ही क्षेत्र में हो। यह क्षेत्र काफी दूर पड़ जाता है और लोगों को काफी परेशानी होगी।
प्रवीण, शिकायतकर्ता

इन्होंने भी उठाए सवाल
* मुकेश सोनी: नाले के नीचे से भी रास्ता दिखाया गया है।
जैन चौक, घोषियान चौक, कन्हीराम अस्पताल, रामगंज मोहल्ला एक ही वार्ड में आते है मगर इस बार इन्हें टुकड़ो में बांट दिया गया है। अब क्षेत्र को तीन वार्डों में बांट दिया गया है। जो कि गलत है।
* विनोद चावला: वार्डबंदी में न्यू कॉलेक्शन प्वाइंट दिखाया है जो कि है नहीं। अब जैन चौक हीरो की गली के हनुमान मंदिर के पास जो प्वाइंट दिखाया गया है वह वार्ड 25 में आता है मगर नक्शे में इसे 27 नंबर में दिखाया गया है। 26 में उस क्षेत्र की समरी है।
* पंकज शर्मा: रूद्रा कॉलोनी को दो वार्डों में बांटा गया है। इसे एक में ही रखा जाए।
* जगदीश चंद्र: दाल में कुछ काला है का उदाहरण दिया जाता है मगर यहां तो पूरी दाल ही काली है। पहले वार्डबंदी करने के समय मुनादी कराते थे। इस बार पता ही नहीं चला।
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* विनोद छपारिया: पिछले 50 साल से उसकी गली वार्ड 25 में है। अब योजनाबद्ध व ईर्ष्या के कारण सिर्फ उसकी गली को बाहर किया गया है ।
* विरेंद्र टोनी: वार्ड में साढ़े तीन सौ एससी दिखाए है जबकि है नहीं 70 भी।

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