बवानीखेड़ा नगरपालिका के 16 वार्डों में से वार्ड संख्या 5, 6, 9,12, 14 और 16 अनुसूचित जातियों से संबंधित सदस्यों के लिए आरक्षित होंगे, वहीं वार्ड संख्या 12 और 14 अनुसूचित जातियों की महिलाओं से संबंधित सदस्यों के लिए आरक्षित होंगे। वार्ड संख्या 10 पिछड़े वर्ग क की महिलाओं से संबंधित सदस्य के लिए आरक्षित होगा। वार्ड संख्या 1 व 8 और 11 महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। पिछले दिनों वार्डबंदी के नए परिसीमन और ड्रा का प्रपोजल चुनाव आयोग को भेजे जाने की सूचना के साथ ही कस्बे में नगर पालिका चुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई थी। अब तक गेंद सरकार के पाले में थी और सीटों के आवंटन की नोटिफिकेशन जारी होते ही चुनाव का रास्ता साफ हो गया ।
बीते दिनों पार्षदों के लिए चुनाव क्षेत्रों का परिसीमन करके ड्राॅ करवा प्रपोजल भेजा गया था, वहीं चेयरमैन पद के ड्राॅ के लिए अभी कितना इंतजार करना पड़ सकता है, वह कहां नहीं जा सकता। दूसरी तरफ चुनाव की सुगबुगाहट के बीच कस्बे के भावी पार्षद और चेयरमैन उम्मीदवारों ने समीकरण साधने शुरू कर दिए हैं । कस्बे में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। अबकि बार मतदाता सीधे चेयरमैन उम्मीदवार को चुनेंगे। इसके कारण धीरे-धीरे चुनाव लड़ने के दावेदारों ने अपनी अपनी पार्टी और नेताओं के कार्यालयों में चहलकदमी बढ़ा दी है ।
पिछली बार 56 प्रत्याशियों ने लड़ा था चुनाव
नगर पालिका बवानीखेड़ा की सरकार को को भंग हुए लगभग 6 माह बीत चुके हैं। इन बीते दिनों में एसडीएम भिवानी बतौर प्रशासक नगरपालिका का कामकाज देख रहे हैं। पिछले चुनाव में 13506 मतदाताओं ने 15 पार्षदों को हाउस में भेजा था। अबकि बार एक नए वार्ड के साथ मतदाताओं की संख्या 3 से 5 हजार तक बढ़ने के आसार हैं। सन 2018 के चुनाव में कस्बे में पुरुष मतदाताओं की संख्या 7214 और महिला मतदाताओं की संख्या 6792 थी। वहीं चुनाव में 56 प्रत्याशियों ने अपना भाग्य आजमाया था और एक पुराने चेहरे के साथ 14 नए चेहरों ने नगरपालिका की कमान संभाली थी।
दो उम्मीदवारों की मिले थे 500 से ज्यादा मत
पिछले चुनाव में 86.11 प्रतिशत बंपर वोटिंग के साथ 15 में से केवल दो पार्षद उम्मीदवार ही 500 से ज्यादा मत लेने में कामयाब हुए थे। वार्ड नं 6 से पंकज महता को 542 मत और वार्ड नं 10 से बच्चन सिंह को 521 मत मिले थे। वहीं वार्ड नं 5,6,8,9 और 10 को सामान्य, वार्ड नं 7,11,14 सामान्य महिला, वार्ड नं 2 व 3 को एससी वर्ग और वार्ड नं 13 को पिछड़ा वर्ग, वार्ड नं 15 को एससी वर्ग महिला के लिए आरक्षित किया गया था।
बिना किसी भेदभाव के विकास करवाएं
वहीं कस्बे के लोगों का कहना है कि वो अबकी बार ऐसे उम्मीदवार को चेयरमैन पद पर देखना चाहते हैं जो कस्बे का बिना किसी भेदभाव के विकास करवाएं। पिछले चुनावों में पार्षदों की आपसी खींचतान में कस्बे को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इसके कारण कस्बे में विकास कार्य नहीं हो पाए। सीधे चेयरमैन पद का चुनाव होने पर कस्बे में बिना किसी खींचतान और भेदभाव के विकास कार्य होने की आस बन गई है। पिछले कार्यकालों में अवैध कब्जे, भ्रष्टाचार, पार्षदों की आपसी खींचतान, विकास कार्यों में भेदभाव जैसे मुद्दे हावी रहे हैं।
पहले 15 और अब हुए 16 वार्ड
पिछले चुनाव में कुल 15 वार्ड थे वहीं अब वार्डों की संख्या 16 हो गई है। पहले अनुसूचित जाति के लिए वार्ड नं 2 व 3 को आरक्षित किया गया था वहीं वार्ड नं 15 अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित था । जबकि इस बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित वार्डों की संख्या 6 हो गई है । अब अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित वार्ड 5, 6, 9,12, 14 और 16 है और वार्ड नं 12 व 14 को अनूसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं पिछली बार वार्ड 13 पिछड़ वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था जिसमें अब बदलाव कर वार्ड संख्या 10 को पिछड़े वर्ग क की महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है । वहीं अबकी बार वार्ड संख्या 1 , 8 और 11 महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे।