भिवानी। नगर परिषद में सामने आ रहे घोटालों के विरोध में बुधवार को विभिन्न संगठनों के लोग सड़क पर उतरे और शहर में प्रदर्शन किया। पहले नगर परिषद कार्यालय और फिर लघु सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। नगर परिषद प्रशासन, जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। साथ ही उपायुक्त को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन सदस्यों ने चेतावनी दी कि 24 घंटे में गबन के मामलों में कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
उल्लेखनीय है कि नगर परिषद में बड़े स्तर के घोटाले सामने आ रहे हैं। लाखों के चेक ऐसी कंपनियों को जारी किए हैं, जिन्होंने कोई काम ही नहीं किया। दो दिन पूर्व नगर परिषद के निवर्तमान चेयरमैन रणसिंह यादव ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उनके व सचिव के फर्जी साइन से चेक पास किए गए हैं।
इन्हीं घोटालों के विरोध में बुधवार को सुबह करीब दस बजे नगर परिषद कार्यालय के बाहर हाथ में तख्तियां और राष्ट्रीय ध्वज लिए हुए विभिन्न संगठनों के सदस्य इकट्ठे हुए। उन्होंने नगर परिषद के चेयरमैन, सचिव व कार्यकारी अधिकारी के विरुद्ध नारेबाजी की। सामाजिक कार्यकर्ता व बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य सुशील वर्मा ने अधिकारियों को चेतावनी भी दी कि भिवानी शहर की जनता अब भ्रष्टाचार को और अधिक बर्दाश्त नहीं करेगी। सुशील वर्मा ने दावा किया कि नगर परिषद के चेयरमैन ने एक पार्षद के भतीजे को परिषद कार्यालय में गैर कानूनी रूप से तैनात कर रखा था, जो आम लोगों से उगाही करता था। नकली रसीद जारी करता था। लोगों के खून पसीने की कमाई से चेयरमैन और उसके साथी पार्षदों ने भ्रष्टाचार करके शहर में करोड़ों रुपये की बेनामी प्रॉपर्टी खरीद ली है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये शहर के विकास के लिए आए, मगर पांच प्रतिशत भी नहीं लगे। जिस कारण शहर की दुर्दशा हो रही है।
नगर परिषद कार्यालय के बाहर नारेबाजी करने के दौरान अपना समाज मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र तंवर व कर्मचारी नेता दलबीर उमरा ने कहा कि नगर परिषद के निवर्तमान चेयरमैन रणसिंह और सचिव ने पुलिस को लिखकर दिया है कि गबन के लिए प्रयोग किए गए 96 लाख रुपये के चेकों पर उनके साइन नहीं हैं, लेकिन संबंधित बैंक की ओर से से कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया कि इतनी बड़ी राशि के चेक कैसे पास हुए।
उसके बाद सभी प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और प्रशासन के विरुद्ध नारे लगाए। राजू दिनोदिया और नरेश गोयल ने कहा कि करोड़ों रुपये के घोटाले सामने आने के बाद भी पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई मामला दर्ज नहीं किया है, बल्कि सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के दबाव में पुलिस मामले को दबाने में लगी है। प्रदर्शनकारियों ने जिला उपायुक्त के माध्यम से एक ज्ञापन राज्यपाल को भी भेजा, जिसमें घोटाले में संलिप्त दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे में आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो शहर के नागरिक सचिवालय के बाहर धरने पर बैठेंगे।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता सुशील वर्मा, दलबीर उमरा, अपना समाज मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र तंवर, राकेश लांबा, सुनील सिन्हा, एडवोकेट हेमंत कौशिक, लालचंद जांगड़ा, एडवोकेट चरणसिंह दहिया, भूप सिंह, राजू दिनोदिया, नरेश गोयल, धर्मेंद्र ढाणी माहू, रोहित सिंह, सुरेश वर्मा, राकेश चौहान आदि शामिल हुए
घोटालों की हो उच्च स्तरीय जांच : माकपा
भिवानी। कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी भिवानी जिला कमेटी ने नगर परिषद भिवानी में हुए भ्रष्टाचार व घोटालों की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच करने व दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर रोष जताया और समाज कल्याण अधिकारी देवेंद्र के माध्यम से जिला उपायुक्त को ज्ञापन दिया है।
ज्ञापन में माकपा जिला सचिव कामरेड ओमप्रकाश ने जिला उपायुक्त को लिखा है कि पिछले पांच-सात वर्ष से नगर परिषद भिवानी में व्याप्त भ्रष्टाचार की चर्चाएं चल रही हैं। मकानों की फर्जी आईडी बनाना, सरकारी व लावारिस जमीनों पर कब्जा करना, अवैध नक्शे पास करना, गली व अन्य विकास कार्यों में भारी हेराफेरी करके करोड़ों का भ्रष्टाचार किया गया है। पिछले दिनों कमेटी में करोड़ों रुपये का बजट आया था, उसमें भारी हेराफेरी, फर्जीवाड़ा किया गया है। जो लोग इसके प्रबंध में लगे थे, उनकी पूरी निष्पक्ष जांच हो तो वास्तविकता जनता के सामने आ जाएगी। पिछले दिनों एक ठेकेदार के कथित फर्जी बिलों तथा उन्हें पास करने के नाम पर कमीशन मांगने का मामला मीडिया में छाया था। माकपा नेताओं ने मांग की है कि घोटालों में संलिप्त लोगों को पकड़ा जाए, उन्हें कड़ी सजा मिले। जिला प्रशासन को कमेटी का समस्त रिकार्ड अपने कब्जे में लेकर निष्पक्ष जांच शुरू कर देनी चाहिए। कमेटी को हुए नुकसान की भरपाई दोषियों से रिकवरी करके की जानी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में माकपा नेता नरेश शर्मा, बिमला घनघस, शीला बलियाली, धर्मबीर बामला, भीमसिंह, मदनलाल, ओमप्रकाश दलाल शामिल थे। संवाद