भिवानी। एडिशनल सेशन जज मनीष कुमार की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इस मामले में अदालत ने आरोपी को बरी करते हुए हत्या के प्रयास में फर्जी केस दर्ज करने पर एएसआई दशरथ सहित तीन पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किए जाने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने एएसआई पर पांच लाख रुपये तो दो पुलिस कर्मचारियों पर एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। वहीं, पीड़ित को अंतरिम राहत का भी प्रावधान किया है।
एडवोकेट सज्जन खनगवाल ने बताया कि 20 मार्च 2019 को होली के दिन हनुमान गेट क्षेत्र निवासी पूर्व पार्षद हंसराज उर्फ हंसा पर एएसआई दशरथ और कांस्टेबल सुनील कुमार व सीलन ने मिलकर लाठी डंडों से हमला कर दिया। फिर हंसा की जांघ में गोली मार दी। इस घटनाक्रम में हंसराज उर्फ हंसा के खिलाफ ही पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने पर हत्या के प्रयास के मामले में केस दर्ज कर दिया था। धटना के दौरान दशरथ पुलिस लाइन में था। वह किसी छापे मारने वाली टीम में शामिल भी नहीं था।
इसी मामले की सुनवाई करते हुए एडिशनल सेशन जज मनीष कुमार की अदालत ने हंसा पर गैरकानूनी तरीके से गोली चलाने के मामले से बरी कर दिया। अदालत ने इस प्रकरण में शामिल एएसआई दशरथ, पुलिसकर्मी सुनील कुमार और सीलन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने एएसआई दशरथ पर पांच लाख रुपये जुर्माना और सुनील व सीलन पर एक-एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है।