भिवानी। कोच की कॉलर पकड़ी, हंगामा, झड़प और तीखी नोक झोंक। यह सब हुआ भीम स्टेडियम में हुई एक सौ किलोमीटर की ओपन रेस में। हंगामे के चलते चार दफा प्रतियोगिता कैंसिल करने की घोषणा की गई। मगर खिलाड़ियों व अन्य के विरोध के चलते फिर शुरू कर दी। आखिरकार तीन खिलाड़ियों ने अपनी अपनी जीत का दावा किया। जबकि आयोजकों ने रेस रद करने की बात कही। हंगामे के बाद एक पक्ष ने हांसी गेट चौक पर जाम जताकर रोष जताया और आयोजकों पर कार्रवाई की मांग की। बाद में मामला थाने पहुंचा जहां कोई समाधान नहीं होने पर खिलाड़ी डीसी आवास पर पहुंचे।
नए वर्ष पर हरियाणा एथलेटिक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष की ओर से भीम स्टेडियम एक सौ किलोमीटर की ओपन रेस का आयोजन किया गया। ओपन रेस सुबह सात बजे शुरू हुई। रेस शुरूआत से ही विवादों में रही। पहले रजिस्ट्रेशन को लेकर विवाद हुआ तो बीच में खिलाड़ियों के राउंड को लेकर विवाद हुआ। हालात ये हुए कि कुछ खिलाड़ियों ने ड्यूटी दे रहे कोच की ही कॉलर पकड़ ली, जिसके बाद ड्यूटी देने वाले कोचों ने ड्यूटी देने से इंकार किया। इस कारण विवाद हुआ और रेस रद की गई। इस पर खिलाड़ी उखड़ गए और विरोध शुरू कर दिया। खिलाड़ियों के विरोध के चलते रेस चालू रखी गई। बाद में दो खिलाड़ियों मनोज वत्स व अजय के बीच रेस में विवाद हो गया और दोनों के समर्थकों ने राउंड में हेराफेरी का आरोप लगाया। प्रतियोगिता के दौरान एक खिलाड़ी सबसे आगे दौड़ रहा था। जबकि आयोजकों का कहना था कि इसका रजिस्ट्रेशन ही नहीं। बीच में विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा। पुलिस के सामने भी प्रतियोगिता रद घोषित की गई। बाद में तीनों खिलाड़ियों ने अपनी अपनी जीत का दावा किया।
एक खिलाड़ी का विजय जुलूस निकाला गया तो दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताई। विरोध करते हुए खिलाड़ी हांसी गेट चौक पर पहुंचे और रोड जाम कर दिया। सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। यहां पुलिस कर्मचारियों के साथ भी कहासुनी हुई। करीब आधे घंटे के जाम के बाद खिलाड़ी सुरेश यादव के समर्थक सिविल लाइन थाना पहुंचे। यहां विरोध के बाद सभी डीसी आवास के लिए रवाना हुए।
ओपन थी तो कैसा रजिस्ट्रेशन
प्रतियोगिता के दौरान सबसे आगे रहने वाले और सबसे पहले 210 राउंड पूरे कर रेस पूरी करने वाला सुरेश ने सबका ध्यान अपनी ओर खिंचा। सुरेश को आयोजकों ने एंट्री नहीं होने की बात कहकर डिस्क्वालीफाई कर दिया। सुरेश ने बताया कि जब ओपन रेस है तो कैसा रजिस्ट्रेशन। खिलाड़ियों से पांच पांच सौ की वसूली की गई है। वह जीता है और आयोजकों ने अपनी एक अकादमी के खिलाड़ी को विजेता घोषित कर दिया है।
वर्जन:::::::
कुछ खिलाड़ियों ने कोचों के साथ अभद्र व्यवहार किया। आपस में झगड़ा किया। अनुशासनहीनता के कारण प्रतियोगिता रद कर दी गई है।
अरविंद कुमार, आयोजक
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हमसे सिर्फ जगह मांगी गई थी। यह निजी संस्था की ओर से आयोजित की गई थी। अव्यवस्था के कारण प्रतियोगिता में बीच में रुकवाई गई।
सुंदर सिंह, कार्यकारी जिला खेल अधिकारी