आदर्श महिला कॉलेज में उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक गर्ग ने अपनी पुस्तक खाकी में इंसान के जनसंवाद एवं समीक्षा समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति में यह भ्रम है कि खाकी में इंसान नहीं होता। इसे दूर करने के लिए मैंने अपने दिल से खाकी में इंसान पहली किताब लिखी। यह किताब मेरे मन में उठे द्वंद्व की उपज है। इसके माध्यम से मैं यह संदेश समाज को देना चाहता हूं कि पुलिस से डर केवल बदमाशों में होना चाहिए। आम आदमी के अंदर पुलिस को देखकर खुशी व महिलाओं में सुरक्षा का भाव आना चाहिए।
भिवानी के आदर्श महिला कॉलेज की प्रबंधकारिणी समिति के महासचिव अशोक बुवानीवाला व अजय गुप्ता ने मुख्य अतिथि अशोक गर्ग को बुके भेंट कर स्वागत किया। कॉलेज प्राचार्या डॉ. अलका मित्तल ने स्मृति चिह्न भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। उत्तराखंड के डीजीपी अशोक गर्ग ने कहा कि पुलिस का मतलब चाय की दुकान पर सेटिंग व दलाली तंत्र का नहीं, अपितु जनता की सेवा का है। उन्होंने कहा कि देश का विकास तभी संभव है, जब पुलिस तंत्र देश के साथ जुड़ेगा। पुलिस की इमेज अंग्रेजों के समय से क्रांतिकारी आंदोलन को दबाने व कर वसूलने की रही है। उनकी इस पुस्तक में स्वयं अनुभवों के आधार पर गैंगरेप, भ्रष्टाचार एवं चोरी डकैती से संबंधित 16 कहानियां हैं।
उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं, यह अगर सामने आ रहा है तो इसका कारण महिलाओं की जागरूकता है। यह एक सकारात्मक पहलू है। लोकतांत्रिक व राजनीतिक दबाव पर उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में सेवा करना कोई मुश्किल कार्य नहीं। डीजीपी बोले, हिंदी मेरी राष्ट्र भाषा है। अंग्रेजी मुझे सीखनी पड़ी है। साथ ही उन्होंने अपनी अन्य किताबों पर प्रश्नों के उत्तर में हार्ड वर्क नहीं स्मार्ट वर्क, सिविल प्रतियोगिता की तैयारी, पुलिस राष्ट्रीय स्तर पर कैसे कार्य करें यह भी बताया। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में आए शोधार्थियों के शोध पत्रों का संग्रह संत साहित्य की प्रासंगिकता पुस्तक का विमोचन कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल ने किया। पुस्तक के संपादन में डॉ. मधुमालती व डॉ. रमाकांत शर्मा ने सहयोग दिया।
सबल, काबिल व्यक्ति समाज को कुछ दें : प्रो. राजकुमार मित्तल
चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल ने कार्यक्षमता, कौशल एवं चरित्र निर्माण पर बल देते हुए कहा कि यदि व्यक्ति सबल व काबिल है और समाज को कुछ दे सकता है तो उसे समाज को अवश्य देना चाहिए। हमें समाज के नकारात्मक पहलुओं को छोड़कर सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने नशा, वित्तीय भ्रष्टाचार जैसे गुनाहों पर पुलिस को जागरूक बनने के लिए कहा।
समाज में परिवर्तन जागरूकता से संभव: अशोक बुवानीवाला
आदर्श महिला महाविद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के महासचिव अशोक बुवानीवाला ने कहा कि समाज में परिवर्तन जागरूकता से संभव है। एक पुलिसवाला विपरीत परिस्थितियों में रहते हुए भी समाज में अपनी भूमिका अदा करता है। हमें अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों का उचित ज्ञान होगा तब हम पुलिस द्वारा दी गई सुरक्षा का पूर्ण रूप से फायदा उठा पाएंगे।
समीक्षा कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
आदर्श शिक्षा समिति के अध्यक्ष अजय गुप्ता, वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के अध्यक्ष शिवरत्न गुप्ता, वैश्य महाविद्यालय के महासचिव सुरेश गुप्ता, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के हिंदी विभाग से प्रो. पुष्पा रानी, डा. राधा कृष्णन चंदेल, ललित मित्तल, नंद किशोर अग्रवाल उपस्थित रहे। कॉलेज की छात्रा स्नेह ने अशोक कुमार का पोर्टे्रट बनाकर भेंट किया।