1 से 7 अक्तूबर तक वन्य जीव सुरक्षा सप्ताह बनाया जा रहा है। इसी को लेकर स्कूली बच्चों में वन्य जीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए वन्य प्राणी विभाग ने चिड़ियाघर में दर्शकों के प्रवेश को सप्ताह भर के लिए मुफ्त कर दिया है। भिवानी के करीब 11 एकड़ भूमि में फैले लघु चिड़ियाघर के अंदर 117 वन्य जीवों की प्रजातियां संरक्षित हैं। इनमें मुख्यत: बब्बर शेर, तेंदुआ, हिरण, चीतल, सांभर, दरियाई घोड़ा, मगरमच्छ, घड़ियाल, जंगली लोमड़ी, हिमालयन भालू शामिल हैं। इन्हें देखने के लिए रोजाना ही मिनी जू में करीब सात सौ से आठ सौ दर्शक पहुंचते हैं।
वन्य जीव सुरक्षा सप्ताह के दौरान स्कूली बच्चों को वन्य जीवों के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां कराई जाएंगी। वहीं वन्य जीवों के संबंध में नजदीक से जानने के लिए भी स्कूली बच्चों का भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान भ्रमण पर आने वाले बच्चों और बड़ों के लिए कोई फीस नहीं ली जाएगी। आम तौर पर मिनी जू में बच्चों के लिए पांच रुपये और बड़ों के लिए दस रुपये टिकट निर्धारित की गई है।
वन्य जीव सुरक्षा सप्ताह के दौरान वन्य जीवों को गोद ले सकेंगे आमजन
लघु चिड़ियाघर में वन्य जीवों के प्रति लोगों का लगाव बढ़ाने के लिए उन्हें गोद देने की योजना भी है। वन्य जीव सुरक्षा सप्ताह के दौरान कोई भी व्यक्ति किसी भी वन्य जीव को उसकी खुराक के हिसाब से गोद ले सकता है। खुराक का खर्च सालाना उस व्यक्ति को देना होगा। जीव को गोद देने के पीछे वन्य जीवों के प्रति लोगों का लगाव और इनकी महता को मानव और जीवों के बीच बढ़ाना है। वन्य विभाग ने प्रत्येक वन्य जीव की मासिक और सालाना खुराक के हिसाब से राशि भी तय की है।
प्रत्येक वन्य जीव की मासिक और सालाना खुराक
वन्य प्रजाति वार्षिक मासिक
टाइगर- 360000- 30000
लोमड़ी- 52000- 4500
उल्लू- 12000- 1000
मगरमच्छ- 38000- 3200
घड़ियाल- 38000- 3200
दरियाई घोड़ा- 141000 12000
चीतल हिरण- 22500 2000
सांभर- 22500 2000
चिंकारा हिरण- 22500 2000
काला भालू- 50000 4200
काला हिरण- 22500 2000
सिल्वर तीतर- 1000 100
जंगली मुर्गा- 1000 100
कॉकटेल पक्षी- 1000 100
जावा चिड़िया- 600 50
लव बर्ड- 600 50
गिरिगर पक्षी- 600 50
वन्य प्राणी विभाग की ओर से 1 से 7 अक्तूबर तक वन्य जीव सुरक्षा सप्ताह मनाया जाएगा। पूरे सप्ताह भिवानी के लघु चिड़ियाघर में आने वाले दर्शकों का प्रवेश मुफ्त रहेगा और स्कूली बच्चों की वन्य जीवों के प्रति जागरूकता की विभिन्न गतिविधियां भी कराई जाएंगी। इस दौरान बच्चों को वन्य जीवों के रहने सहन और हमारे जीवन में उनके महत्व के बारे में भी समझाया जाएगा।
-वन्य निरीक्षक ज्योति कुमार, प्रभारी, चौ. सुरेंद्र सिंह मेमोरियल चिड़ियाघर, भिवानी।