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Bhiwani News: विकास के पथ पर ढहा दिए गरीबों के आशियाने, रसूखदारों के मकान सुरक्षित, बवानीखेड़ा में स्टेडियम व पार्क निर्माण का हवाला देकर प्रशासन ने तोड़े मकान

Thu, 07 May 2026 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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बवानीखेड़ा में मकान टूटने के बाद मायूस बैठा एक व्य​क्ति। 
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बवानीखेड़ा। बवानीखेड़ा के खेड़ी अलखपुरा मार्ग पर स्टेडियम और पार्क निर्माण के लिए निर्धारित जगह पर बने अवैध मकानों को नगर पालिका प्रशासन ने तोड़ दिया जिससे कई गरीब परिवार बेघर हो गए। कार्रवाई की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नेताओं को अन्याय का आरोप लगाया।
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स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कार्रवाई केवल गरीब परिवारों के मकानों पर हुई जबकि सत्तापक्ष नेताओं और रसूखदारों के मकान सुरक्षित रहे। नगर पालिका ने स्टेडियम और पार्क निर्माण के लिए हांसी चुंगी रोड के पास जगह निर्धारित की थी लेकिन आसपास बसी अवैध कॉलोनी में गरीब और रसूखदार दोनों के मकान हैं। लोगों का कहना है कि कस्बे का लगभग 40% हिस्सा अवैध कब्जे में है और गरीब परिवारों को बेघर करना अन्याय है।
लोगों का कहना है कि कुछ साल पहले दादी गौरी स्टेडियम मंदिर के पास स्टेडियम के लिए जगह निर्धारित की थी लेकिन अब अचानक से कस्बे के आबादी क्षेत्र से दूर स्टेडियम व पार्क का निर्माण करना अवैध कॉलोनी में रह रहे लोगों को फायदा पहुंचाना है। लोगों ने इस कार्रवाई के लिए स्थानीय नेताओं को जिम्मेदार बताया।
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पीड़ित परिवारों ने शुरू किया धरना

मकान तोड़ने के बाद पीड़ित परिवारों ने मलबे के पास ही धरना शुरू कर दिया लेकिन नगर पालिका प्रशासन की तरफ से टैंट लगा कर धरने पर बैठे लोगों का तंबू भी उखाड़ दिया। इस बारे में नगर पालिका सचिव ने कांग्रेस नेता प्रदीप नरवाल को कहा कि उन्होंने तंबू उखाड़ने का कोई आदेश नहीं दिया है।
प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम फिर होगा जनआंदोलन
वीरवार को बवानीखेड़ा विधानसभा से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे और हाल-चाल जाना। उन्होंने उपायुक्त से बातचीत कर उनके लिए रहने और खाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। नरवाल ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन तीन दिनों में समस्याओं का समाधान और पुनर्वास नहीं करता तो वे हलके की जनता के साथ 11 मई से जनआंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीबों के घर नहीं बल्कि उनके बच्चों के सपने तोड़े हैं। कामरेड ओमप्रकाश, कमल सिंह प्रधान और पूर्व पार्षद मीना चौपड़ा ने टैंट उखाड़े जाने की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया। इस माैके पर उमेश भारद्वाज, मनमोहन, मंदीप आदि माैजूद रहे।
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