लोहारू। रामलीला मैदान और उसमें बने कमरों के लिए पिछले कई दिनों से चली आ रही रस्साकशी के बीच बुधवार को एसडीएम मनोज कुमार दलाल के आदेश पर नगर पालिका प्रशासन ने रामलीला मैदान परिसर को ताला जड़ लिया। वहीं कथित रूप से संरक्षण में ले लिया। नपा प्रशासन ने ताला लगाकर इसकी रिपोर्ट एसडीएम को प्रेषित की है।
बीआई राकेश कुमार ने बताया कि एसडीएम मनोज कुमार के आदेश पर शहर के रामलीला मैदान को ताला लगाया गया है। उसकी रिपोर्ट अधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है। रामलीला मंचन से पहले रामलीला मैदान और उसमें बने कमरों के लिए विवाद हो गया था।
रामलीला मंचन करने वाली समिति ने रामलीला मैदान में बने कमरों में चल रहे सिलाई सेंटर को हटाने की मांग की थी। ताकि रामलीला मंचन किया जा सके। एसडीएम की मौजूदगी में कमरे खाली कराके रामलीला मैदान के कमरों की चाबी रामलीला मंचन करने वाली समिति को थमा दी थी। लेकिन रामलीला मंचन के बाद सिलाई सेंटर की महिलाओं ने रामलीला मैदान के कमरों में पुन: सिलाई प्रशिक्षण केंद्र पूर्व की भांति चलाए जाने की मांग करते हुए एसडीएम से मुलाकात की।
ऐसे में दो पक्षों के आमने सामने होने की सूरत में एसडीएम ने इस पूरे मामले की जांच के लिए तहसीलदार के नेतृत्व में कमेटी गठित करने और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की बात कही थी। रिपोर्ट आने के बाद भी मामले का पटाक्षेप नहीं हो पाया और बाद में एसडीएम मनोज कुमार दलाल ने नगर पालिका प्रशासन को रामलीला मैदान परिसर को ताला लगाने के आदेश जारी कर दिए। उन्हीं आदेशों की पालना में बुधवार को नगर पालिका प्रशासन ने रामलीला मैदान परिसर को ताला जड़ दिया।