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Bhiwani News: सरकारी खरीद के पहले दिन सिर्फ पांच किसानों ने बेची सरसों, 300 ने निजी बिक्री के लिए कटवाए टोकन

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लोहारू रोड पर अनाज मंडी के गेट पर टोकन कटवाने के लिए खड़े ट्रैक्टर चालक। - फोटो : 1
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भिवानी। सरसों की सरकारी खरीद शुरू होने के पहले दिन जिला मुख्यालय की अनाज मंडी में केवल पांच किसानों ने ही सरकारी रेट पर अपनी फसल बेची जबकि करीब 300 किसानों ने प्राइवेट बोली पर सरसों बेचने के लिए टोकन कटवाए। बाजार में एमएसपी से अधिक भाव मिलने के कारण किसानों का रुझान निजी एजेंसियों की ओर अधिक देखा गया।
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शनिवार से मंडियों में सरसों की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है। जिला मुख्यालय की मंडी में पहले दिन मात्र चार किसानों ने सरसों की फसल को सरकारी एजेंसियों को बेचने के लिए टोकन कटवाया। वहीं करीब 300 किसानों ने प्राइवेट बोली पर सरसों बेचने के लिए टोकन कटवाए।
सरकार की ओर से सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है जबकि खुली मार्केट में किसानों को करीब 6800 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहा है। इस प्रकार किसानों को प्रति क्विंटल लगभग 800 रुपये अधिक मिल रहे हैं। इसी कारण पंजीकृत किसान भी प्राइवेट बोली में सरसों बेचना पसंद कर रहे हैं।
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भिवानी जिले की तीन मंडियों-भिवानी, बवानीखेड़ा और चांग को सरसों की सरकारी खरीद के लिए अधिकृत किया गया है। मंडी में चार शेड बनाए गए हैं और बारिश से फसल बचाने के लिए तिरपाल की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा गेट पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी भी की जा रही है। साथ ही मार्केट कमेटी कार्यालय के प्रथम तल पर किसानों के लिए विश्राम गृह भी बनाया गया है ताकि वे आराम कर सकें।

मैं शनिवार को भिवानी अनाज मंडी में सरसों की फसल बेचने के लिए पहुंचा। वर्तमान में सरसों का एमएसपी 6200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है जबकि मंडी में किसानों को 6800 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव मिल रहा है। इसलिए किसानों को लाभ पहुंच रहा है। फसल बिक्री के दौरान कोई परेशानी नहीं हुई। -धर्मेंद्र झांवरी, किसान।


शनिवार को सरसों की अधिकतम बोली 6800 रुपये रही जबकि सरसों का एमएसपी इस भाव से काफी कम है। ऐसे में किसानों को निजी व्यापारियों को फसल बेचना अधिक लाभदायक साबित हो रहा है। मैंने शनिवार को अपनी फसल बेचने के लिए मंडी पहुंचा। फसल बिक्री से संबंधित सभी कार्य सुविधापूर्वक पूरे हुए। - महेंद्र देवसर, किसान।


मैं शनिवार को अनाज मंडी में सरसों की फसल बेचने के लिए पहुंचा। मंडी में सरकारी एजेंसी कम दाम पर सरसों खरीद रही है जबकि बाजार में अधिक कीमत मिल रही है। इसलिए प्राइवेट एजेंसियों को फसल बेचने से किसानों को फायदा मिल रहा है। वहीं मंडी में कमेटी द्वारा किसानों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। -संजय लोहानी, किसान।

एक अप्रैल तक मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना
चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार हरियाणा में एक अप्रैल तक मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना है। 28 मार्च की रात से पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ने के साथ 29 मार्च से एक अप्रैल के बीच आंशिक बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम गति से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवाओं की दिशा में बदलाव के कारण दिन के तापमान में गिरावट और रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।


सरसों की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है। पहले दिन केवल पांच किसानों ने सरकारी खरीद के लिए टोकन लिया है जबकि 300 से अधिक किसानों ने प्राइवेट बिक्री के लिए टोकन कटवाए हैं। एमएसपी से अधिक रेट मिलने के कारण किसानों का रुझान निजी बिक्री की ओर है। मंडियों में किसानों की फसल खरीद के पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। -कृष्ण लाल, चेयरमैन, हरियाणा कृष्णन विपणन बोर्ड, भिवानी।
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