भिवानी। नगर परिषद भिवानी के 15 करोड़ घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की जांच रिपोर्ट के आधार पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने 24 आरोपियों को केस में शामिल करने की मंजूरी दी है।
भिवानी की नगर परिषद में करीब 15 करोड़ से अधिक राशि के घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है। इसके अलावा नगर परिषद के घोटालों में केस केस दर्ज हैं। इन मामलों में नगर परिषद के तत्कालीन चेयरमैन रणसिंह यादव व उपाध्यक्ष मामनचंद सहित अन्य पर गंभीर आरोप लगे थे। हाईकोर्ट के आदेश पर ही मामला सीबीआई को जांच के लिए सौंपा गया था। सीबीआई दो घोटालों की अलग-अलग जांच में जुटी है। इसमें एक जांच 15 करोड़ के घोटाले और दूसरी नगर परिषद की भूमि बिक्री का घोटाला शामिल है। हालांकि सीबीआई इस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर चुकी है, लेकिन अब शिकायतकर्ता की गुहार पर अब हाई कोर्ट ने सीबीआई की जांच रिपोर्ट के आधार पर 24 आरोपियों को केस में शामिल करने की भी मंजूरी दे दी है।
भिवानी नगर परिषद में बहुचर्चित चेक, फर्जी रसीद और प्रॉपर्टी के घोटालों की जांच सीबीआई कर रही है। सीबीआई ने अपनी जांच रिपोर्ट भी हाई कोर्ट के सम्मुख पेश कर दी है। इसके बाद अब हाईकोर्ट ने इस मामले में 24 आरोपियों को केस में शामिल करने की मंजूरी दी है। हालांकि अब तक आरोपी इस मामले में सीबीआई की पूछताछ से बच रहे थे। इसको लेकर शिकायतकर्ता सुशील वर्मा ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी कि इन्हें भी केस में शामिल कर पूछताछ की जाए। नगर परिषद के चेक घोटाले में जिन कंपनियों व लोगों के खातों में बैंक के माध्यम से पैसा ट्रांसफर किया गया था। उन कंपनियों के कर्मचारियों व लोगों से भी केस में शामिल कर पूछताछ की जाएगी। इसी तरह चेक घोटालों में जिन लोगों से सीबीआई पूछताछ नहीं कर पाई थी। उन्हें भी केस में शामिल कर पूछताछ की जाएगी। संवाद