रक्षा बंधन पर्व पर काली चुन्नी ओढ़कर लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ रोष जतात
भिवानी। आशा वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर आशा वर्करों की हड़ताल 23वें दिन भी जारी रही। आशा वर्कर्स ने उपायुक्त कार्यालय के सामने काले वस्त्र पहनकर रक्षाबंधन के त्योहार को काले दिवस के रूप में मनाया। हड़ताल की अध्यक्षता कृष्णा और संचालन यूनियन जिला सचिव सुशीला ने किया।
सीटू जिला प्रधान राममेहर सिंह और सीटू नेता सुखदेव सिंह ने सयुंक्त रूप से कहा कि हरियाणा सरकार आशा वर्कर्स की आवाज को दबाकर उनका शोषण कर रही है। इसके विरोध में आशा वर्कर्स ने काले वस्त्र पहनकर काले दिवस के रूप में सरकार को अपना विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स पर लगातार ऑनलाइन काम का दबाव बढ़ाया जा रहा है। आशा वर्कर्स के मानदेय में चार साल से कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। साल 2019 में आशा वर्कर्स के मानदेय में कटौती की गई थी। जिसे अभी तक बहाल नहीं किया गया है। 28 अगस्त को विधानसभा पर प्रदर्शन करने जा रही। यमुनानगर जिले की आशा वर्कर्स को पुलिस द्वारा रोकने के प्रयास में धमकाया गया। पुलिस द्वारा आशा वर्कर्स के बैग चेक करते हुए पानी की बोतल भी ले ली गई। दसमें यमुनानगर की आशा वर्कर पारुल की रास्ते में तबीयत बिगड़ गई और कल देर शाम उनकी मौत हो गई।
यूनियन ने मांग की है कि वर्कर के आश्रितों को 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा राज्य कमेटी के अनुसार 11 सितंबर तक हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर सीटू जिला प्रधान राममेहर सिंह, सीटू नेता सुखदेव, यूनियन नेत्री सुशीला धिराना, ऋतु कृष्णा, मीणा चांग, रेखा, परगी, सरोज, मंजू प्रमिला लोहारु, निर्मला बरालु, संगीता, बबिता, मनोज सुई, मीनाक्षी मौजूद रहे। संवाद