बहल अनाजमंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी हजारों क्विंटल सरसों।
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भिवानी। सरसों खरीद में गोलमाल शिकायतों पर वीरवार को राजस्थान सीमा से सटी मंडियों में पुलिस के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की एक साथ कई टीमें पहुंची और मंडियों में निरीक्षण करवाया। किसानों को जारी टोकन, लिफ्टिंग और आढ़तियों के पास मौजूद सरसों स्टॉक में भारी गोलमाल की आशंका को लेकर जिले भर की मंडियों को दो घंटे के लिए पूर्णतया बंद रखा गया।
वीरवार सुबह करीब 10 बजे अचानक मंडियों में पुलिस का पहरा लग गया। सभी आढ़तियों को सूचना दी गई कि जब तक आगामी आदेश न आए तब तक वो किसान की फसल को न खरीद करें। उधर, मंडियों के गेटों को पुलिस ने सील किया ताकि कोई वाहन अंदर न आ सके और न बाहर जा सके। इस बीच मंडियों में प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने एक-एक फर्म (आढ़ती) के पास जाकर उसकी बिडिंग (किसानों से खरीदी गई फसल का ब्योरा), एजेंसी को किए गए उठान और उसके पास मौजूदा स्टॉक की फिजिकल वेरिफिकेशन की। बताया जाता है कि अधिकारियों ने बिडिंग व लिफ्टिंग का डाटा तो सही मिलान कर लिया, पर मौजूदा स्टॉक की फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए आढ़तियों को एक प्रफोर्मा दिया गया और उस पर उनसे बिडिंग, लिटिंग और पेंडिंग का डाटा तैयार करवा लिया। वहीं, मंडियों में अचानक पुलिस के पहरे और जांच को लेकर आढ़तियों में हड़कप मच गया। तरह-तरफ की अफवाहें भी फैलने लगी। आढ़तियों में इस बात की सुगबुगाहट रही कि आखिर ऐसा क्या हुआ है जो चलती खरीद प्रक्रिया को रोक कर बंद के आदेश दिए गए है। कहीं सरकार खरीद बंद तो नहीं करने जा रही है या फिर कोई बड़ी जांच हो रही है। वहीं, इस बात की अफवाह रही कि लेबर में कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं, जिससे मंडियों में पुलिस का पहरा लगा दिया है और लोगों के आने जाने पर पाबंदी लगा दी गई है।
मंडियों में पहुंच रही हजारों क्विंटल सरसों, फर्जी गेट पास की आशंका
अभी भी मंडियों के अंदर हजारों क्विंटल सरसों पहुंच रही है। जबकि अधिकांश किसान अपनी सरसों फसल बेच चुके हैं। सरसों के गड़बड़झाले में मिलीभगत से फर्जी गेटपास और फर्जी किसानों की आशंका बनी है। इस खेल में वे भी किसान दर्शाए गए हैं, जिनके पास जमीन ही नहीं है। फसल कहां से बेचेंगे। जांच की आंच में कई अधिकारी भी नपेंगे।
उपमंडल स्तर के प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर बहल मंडी में सरसों खरीद की जांच की है। जिले भर में मंडियों के अंदर जांच की गई है। जांच के दौरान आढ़तियों के पास रिकार्ड भी जांचा गया है। इसकी रिपोर्ट भी उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। - सुरेश कौशिक, नायब तहसीलदार बहल।