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सौ गांवों के विकास कार्यों पर ऑब्जेक्शन

Sun, 14 May 2017 12:37 AM IST
bureau
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चरखी दादरी। जिले के करीब 100 गांवों के विकास कार्यों के प्रोजेक्ट पर चंडीगढ़ निदेशालय ने ऑब्जेक्शन लगा दिए हैं।
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दिसंबर 2016 में भेजे गए दो ब्लॉकों के 20 करोड़ के एस्टीमेट बिना पंचायत प्रस्ताव के वापस भेज दिए गए हैं। इसके बाद विभाग ने सभी गांवों की पंचायत से प्रस्ताव लेकर फाइल फिर से हेड ऑफिस भेजी है। पंचायत विभाग की ओर से दादरी व बाढड़ा ब्लॉक के लिए 10-10 करोड़ के एस्टीमेट तैयार किए गए थे। पिछले चार माह से इस बजट को स्वीकृति नहीं मिल पाई थी।
क्षेत्र में गांवों के विकास का खाका लंबे समय से तैयार नहीं होने के कारण गलियों व सड़कों की हालत खराब हो चुकी है। दूषित पानी निकासी की व्यवस्था न होने से लोग परेशान हैं। गांवों में छोटे स्तर के कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। अधिकतर गांवों में दूषित पानी का जमाव बस स्टैंड पर बना हुआ है जिससे गांवों में प्रवेश करना ही मुश्किल बना हुआ है।
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गांव मोरवाला, भागवी, रानीला व सांवड़ आदि गांवों में दूषित पानी निकासी की व्यवस्था बदहाल है। गांवों के विकास के एस्टीमेट तैयार कर हेड ऑफिस भेजने के बाद अमर उजाला ने 27 दिसंबर के संस्करण में ‘हर हलके विकास पर खर्च होंगे दस करोड़, प्लान रेडी’ नामक शीर्षक से खबर को प्रमुखता से छापा था।
101 पंचायतों में पहुंची दो करोड़ 51 हजार की ग्रांट
101 पंचायतों में सामान्य वर्ग व अनुसूचित जाति वर्ग के लिए अलग-अलग रूप में स्टेट फाइनेंशियल कमीशन स्कीम के तहत अब दो करोड़ 51 हजार रुपये की बजट राशि मिल चुकी है। इसमें एक करोड़ 77 लाख सामान्य वर्ग तथा 22 लाख 62 हजार रुपये अनुसूचित जाति वर्ग के लिए जारी किए गए थे। यह राशि छोटे मोटे कार्यों के लिए जारी की गई थी।
बड़े स्तर के विकास कार्यों पर फोकस
पंचायत कार्यालय ने सभी गांवों में बड़े स्तर पर विकास का खाका तैयार कर लिया है। विभाग की ओर से साइट प्लान तैयार की गई है। कई गांवों में सामुदायिक केंद्रों का निर्माण होना है तो कहीं गलियों का निर्माण किया जाना है। गांवों में खेल स्टेडियम के लिए भी साइट प्लान तैयार कर रखी है। इनके अलावा अन्य जरूरत की सुविधाएं मुहैया करवाए जाने के लिए भी एस्टीमेट तैयार किए गए थे ।
एक ब्लॉक पर खर्च दस करोड़ खर्च
पंचायत विभाग ने दादरी व बाढड़ा ब्लॉक के लिए 10-10 करोड़ की राशि खर्च करने की प्लानिंग बना रखी है।  एक ब्लॉक के विकास के लिए  10 करोड़ का एस्टीमेट तैयार कर रखा है। चरखी दादरी जिले के दादरी, बाढड़ा के तकरीबन सभी गांवों में विकास कार्य होने हैं। विकास के लिए जल्द ही बजट राशि मिलने की उम्मीद थी लेकिन हेड ऑफिस से ऑब्जेक्शन लगा दिए गए हैं।

 दिसंबर माह में हैड ऑफिस पहुंची थी फाइल
पंचायत विभाग ने गत दिसंबर में एस्टीमेट एवं पूरा प्लान हेड ऑफिस को भेज दी थी। हेड अॅाफिस की ओर से इस फाइल की गहनता से स्टडी की गई। इस दौरान दोनों ब्लॉकों की फाइल में पंचायतों के प्रस्ताव ही नहीं मिले। इस वजह से यह एस्टीमेट फाइल ऑब्जेक्शन लगाकर वापस भेज दी गई। हेड ऑफिस की ओर से निर्देश मिले कि सभी संबंधित गांवों की पंचायतों के प्रस्ताव फाइल में संलग्न होने चाहिए अन्यथा उस गांव को बजट राशि नहीं मिलेगी।

चरखी दादरी।
जिले के करीब 100 गांवों के विकास कार्यों के प्रोजेक्ट पर चंडीगढ़ निदेशालय ने ऑब्जेक्शन लगा दिए हैं। दिसंबर 2016 में भेजे गए दो ब्लॉकों के 20 करोड़ के एस्टीमेट बिना पंचायत प्रस्ताव के वापस भेज दिए गए हैं। इसके बाद विभाग ने सभी गांवों की पंचायत से प्रस्ताव लेकर फाइल फिर से हेड ऑफिस भेजी है। पंचायत विभाग की ओर से दादरी व बाढड़ा ब्लॉक के लिए 10-10 करोड़ के एस्टीमेट तैयार किए गए थे। पिछले चार माह से इस बजट को स्वीकृति नहीं मिल पाई थी।
क्षेत्र में गांवों के विकास का खाका लंबे समय से तैयार नहीं होने के कारण गलियों व सड़कों की हालत खराब हो चुकी है। दूषित पानी निकासी की व्यवस्था न होने से लोग परेशान हैं। गांवों में छोटे स्तर के कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। अधिकतर गांवों में दूषित पानी का जमाव बस स्टैंड पर बना हुआ है जिससे गांवों में प्रवेश करना ही मुश्किल बना हुआ है।
गांव मोरवाला, भागवी, रानीला व सांवड़ आदि गांवों में दूषित पानी निकासी की व्यवस्था बदहाल है। गांवों के विकास के एस्टीमेट तैयार कर हेड ऑफिस भेजने के बाद अमर उजाला ने 27 दिसंबर के संस्करण में ‘हर हलके विकास पर खर्च होंगे दस करोड़, प्लान रेडी’ नामक शीर्षक से खबर को प्रमुखता से छापा था।
101 पंचायतों में पहुंची दो करोड़ 51 हजार की ग्रांट
101 पंचायतों में सामान्य वर्ग व अनुसूचित जाति वर्ग के लिए अलग-अलग रूप में स्टेट फाइनेंशियल कमीशन स्कीम के तहत अब दो करोड़ 51 हजार रुपये की बजट राशि मिल चुकी है। इसमें एक करोड़ 77 लाख सामान्य वर्ग तथा 22 लाख 62 हजार रुपये अनुसूचित जाति वर्ग के लिए जारी किए गए थे। यह राशि छोटे मोटे कार्यों के लिए जारी की गई थी।
बड़े स्तर के विकास कार्यों पर फोकस
पंचायत कार्यालय ने सभी गांवों में बड़े स्तर पर विकास का खाका तैयार कर लिया है। विभाग की ओर से साइट प्लान तैयार की गई है। कई गांवों में सामुदायिक केंद्रों का निर्माण होना है तो कहीं गलियों का निर्माण किया जाना है। गांवों में खेल स्टेडियम के लिए भी साइट प्लान तैयार कर रखी है। इनके अलावा अन्य जरूरत की सुविधाएं मुहैया करवाए जाने के लिए भी एस्टीमेट तैयार किए गए थे ।
एक ब्लॉक पर खर्च दस करोड़ खर्च
पंचायत विभाग ने दादरी व बाढड़ा ब्लॉक के लिए 10-10 करोड़ की राशि खर्च करने की प्लानिंग बना रखी है।  एक ब्लॉक के विकास के लिए  10 करोड़ का एस्टीमेट तैयार कर रखा है। चरखी दादरी जिले के दादरी, बाढड़ा के तकरीबन सभी गांवों में विकास कार्य होने हैं। विकास के लिए जल्द ही बजट राशि मिलने की उम्मीद थी लेकिन हेड ऑफिस से ऑब्जेक्शन लगा दिए गए हैं।

 दिसंबर माह में हैड ऑफिस पहुंची थी फाइल
पंचायत विभाग ने गत दिसंबर में एस्टीमेट एवं पूरा प्लान हेड ऑफिस को भेज दी थी। हेड अॅाफिस की ओर से इस फाइल की गहनता से स्टडी की गई। इस दौरान दोनों ब्लॉकों की फाइल में पंचायतों के प्रस्ताव ही नहीं मिले। इस वजह से यह एस्टीमेट फाइल ऑब्जेक्शन लगाकर वापस भेज दी गई। हेड ऑफिस की ओर से निर्देश मिले कि सभी संबंधित गांवों की पंचायतों के प्रस्ताव फाइल में संलग्न होने चाहिए अन्यथा उस गांव को बजट राशि नहीं मिलेगी।

जमीन आपत्ति संबंधी विवरण भी किया अपडेट
पंचायतों के लिए यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जिस जमीन पर विकास कार्य होना है वहां अतिक्रमण व अवैध कब्जा से जुड़ा कोई मामला नहीं हो। इसके लिए पंचायतों को जवाबदेही बनाया गया है। पंचायत विभाग ने सभी पंचायतों से प्रस्ताव लेकर अब दिन पहले दोबारा यह एस्टीमेट फाइल हेड ऑफिस में जमा करवाई है।
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गांवों के विकास का खाका तैयार हो चुका है। बजट राशि मिलते ही गांवों में तेजी से विकास कार्य शुरू होंगे।
अजीत सिंह, जूनियर इंजीनियर पंचायत विभाग


पंचायतों के लिए यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जिस जमीन पर विकास कार्य होना है वहां अतिक्रमण व अवैध कब्जा से जुड़ा कोई मामला नहीं हो। इसके लिए पंचायतों को जवाबदेही बनाया गया है। पंचायत विभाग ने सभी पंचायतों से प्रस्ताव लेकर अब दिन पहले दोबारा यह एस्टीमेट फाइल हेड ऑफिस में जमा करवाई है।

गांवों के विकास का खाका तैयार हो चुका है। बजट राशि मिलते ही गांवों में तेजी से विकास कार्य शुरू होंगे।
अजीत सिंह, जूनियर इंजीनियर पंचायत विभाग

 
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