जिला नागरिक अस्पताल की लैब में जल्द ही दो नई बायो केमिस्ट्री मशीनें आएंगी। जिसके बाद रक्त नमूनों की जांच में तेजी आएगी। फिलहाल लैब में रक्त नमूनों की जांच के लिए एक बायो केमिस्ट्री मशीन है, जो 2011 में नागरिक अस्पताल में आई थी, ये मशीन कई बार खराब हो चुकी है। अब कंडम हालत में पहुंचने की कगार पर है। मौसम में बदलाव के साथ बुखार पीड़ित मरीज भी बढ़ रहे हैं, ऐसे में एक ही पुरानी मशीन के सहारे नमूनों की जांच में भी दिक्कतें आ रही हैं। इसी को लेकर सीएसआर के तहत दो नई बायो केमिस्ट्री मशीनें जल्द आएंगी। अस्पताल में खून के नमूनों की टेस्टिंग के लिए लगी भीड़ को देखते हुए काफी मरीज तो बाहर महंगे दामों पर भी रक्त नमूनों की जांच करा रहे हैं। नई मशीनों के लैब में आने के बाद बैकअप भी मिलेगा। यानी कोई मशीन खराब होती है तो उसका विकल्प भी स्वास्थ्य विभाग के पास मौजूद रहेगा।
भिवानी जिला नागरिक अस्पताल की लैब में रोजाना ही करीब दो हजार खून के नमूनों की जांच की जा रही हैं। ये नमूने जिला मुख्यालय के नागरिक अस्पताल के अलावा ग्रामीण राजकीय अस्पतालों से भी आ रहे हैं। जिनकी रिपोर्ट तय समय में जारी करना भी बड़ी चुनौती है। ऐसे में अगर बायो केमिस्ट्री की सिर्फ एक पुरानी मशीन स्वास्थ्य विभाग के पास होने से काफी दिक्कतें भी आ रही हैं, क्योंकि ये मशीन कई बार खराब हाे चुकी हैं। 2011 में आई ये मशीन अब 13 साल पुरानी हो चुकी हैं। ऐसे में अब नई मशीनों की दरकार भी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो सीएसआर के तहत दान में स्वास्थ्य विभाग को दो बायो केमिस्ट्री मशीनें मिलेंगी। जिनका इस्तेमाल यहां नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए होगा। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में भी रोजाना ही औसतन 1300 से अधिक मरीज आते हैं। जिनमें से करीब पांच सौ से अधिक मरीजों के रक्त नमूनों की जांच की सलाह भी चिकित्सक दे रहे हैं। दो नई बायो केमिस्ट्री मशीनों के जरिए रक्त नमूनों की जांच होगी वहीं बैकअप भी बना रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग लगातार नागरिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है। सीएसआर के तहत दान में कोई भी जांच उपकरण या बायो केमिस्ट्री मशीन दी जा सकती है। जिसका लाभ यहां आने वाले मरीजों को मिलेगा। हमने कंपनियों से सीएसआर के तहत मशीनों की डिमांड भी की है। जल्द ही नई मशीनें मिलने की उम्मीद है।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य सिविल सर्जन भिवानी।