फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhiwani News: अब जिला परिषद में बढ़ी अधिकारियों व चेयरपर्सन की खिंचतान, 20 करोड़ के मसौदे लटके, थमा 22 वार्डों का विकास

Wed, 17 Jul 2024 02:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
विज्ञापन
विज्ञापन
भिवानी। विधानसभा चुनावों से पहले ही भिवानी जिला परिषद की राजनीति में उफान आ गया है। अधिकारियों और चेयरपर्सन के बीच की खींचतान बढ़ गई है, ऐसे में पिछले करीब छह माह से जिला परिषद की बैठक के फेर में 20 करोड़ के मसौदे अटके हैं, जिसकी वजह से जिला परिषद के 22 वार्डाें में विकास थमा हुआ है।
विज्ञापन

जिला परिषद के पार्षद अपने वार्डों में विकास कार्याें के एजेंडे भी तैयार कर चुके हैं, मगर कभी अधिकारियों की वजह से तो कभी दूसरी अड़चनों से जिला परिषद की बैठक का मामला खटाई में पड़ रहा है। इस साल फरवरी की शुरुआत में ही जिला परिषद की बैठक हुई थी। इसके बाद से दो बार बैठक प्रस्तावित हुई, मगर ये बैठक स्थगित करनी पड़ी। अब मामला जिला परिषद चेयरपर्सन और अधिकारियों के बीच खिंच चुका है। इसकी वजह भी राजनीतिक वजह मानी जा रही है। इसकी शिकायत भी जिला परिषद चेयरपर्सन अनिता मलिक ने उच्चाधिकारियों को दी है।
भिवानी जिले में जिला परिषद के 22 वार्ड हैं। जिला परिषद के प्रत्येक वार्ड में करीब दो करोड़ के बजट से विकास कार्यों का खाका तैयार किया हुआ है। कई वार्डों में तो पार्षदों ने विकास कार्यों के एजेंडे भी बैठक में रखने थे, लेकिन दो बार बैठक स्थगित हो चुकी है, ऐसे में पहले बैठक की कार्यवाही की पुष्टि और आगामी विकास परियोजनाओं पर भी ब्रेक लगा है।
विज्ञापन

जिला परिषद ग्राम पंचायतों का विकास कार्याें में सहयोग करती है। एक वार्ड में 25 से 30 गांवों का दायरा आता है। इन गांवों में ग्राम पंचायतों को ट्रैक्टर ट्राली मुहैया कराने, स्ट्रीट लाइट लगवाने, धर्मशाला, गोशाला व बस क्यू शेल्टर का निर्माण कार्य कराने के अलावा भी कई ऐसे विकास कार्य है जो जिला परिषद के दायरे में आते हैं। मानसून से पहले ही कई गांवों के अंदर जिला परिषद के बजट से पानी निकासी की व्यवस्था भी कराई जानी थी, मगर ऐसे कार्य भी अभी तक खटाई में पड़े हैं।
चेयरपर्सन का आरोप, बैठक की कार्यवाही के रजिस्टर भी करा डाले गायब
जिला परिषद भिवानी की चेयरपर्सन अनिता मलिक का आरोप है कि अधिकारियों ने पिछली बैठकों के कार्यवाही रजिस्टर भी गायब कर डाले। इन रजिस्टरों के अंदर ही जिला परिषद की सदन में हुई कार्यवाही और फैसलों को दर्ज किया जाता है। जब भी बैठक होती है जिला पार्षद इसमें प्रस्ताव दर्ज कर अपनी सहमति जताते हैं और हस्ताक्षर करते हैं। लेकिन 15 जुलाई की बैठक में अधिकारी तो पहुंचे नहीं बल्कि कार्यवाही के रजिस्टर भी गायब कर डाले। जिससे 22 वार्ड पार्षदों में से 17 पार्षद मौजूद रहने पर भी बैठक नहीं हो सकी।

अब जिला परिषद की आगे की बैठक भी नहीं हुई तय
जिला परिषद की 15 जुलाई की बैठक स्थगित अधिकारी बीमार होने पर छुट्टी पर चले जाने से स्थगित हो गई, लेकिन अब अगली बैठक कब होगी यह भी तय नहीं हो पाया है। इससे जिला परिषद में राजनीतिक सक्रियता बढ़ गई है। हालांकि ये सक्रियता हाल ही में बढ़ी है, क्योंकि भाजपा खेमे से कांग्रेस खेमे में शामिल हुई जिला परिषद की चेयरपर्सन अनिता मलिक ने भी अब अपने तेवर तल्ख किए हैंं, इसकी वजह यह है कि तोशाम के विकास के मुद्दों पर लगातार उन्हें रोका जा रहा है। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में खुद अनिता मलिक ने खेल मंत्री के सामने पानी की समस्या रखी थी और अधिकारियों व प्रशासन की ओर से इस समस्या का समाधान नहीं किए जाने का भी हवाला दिया था, मगर तब अनिता मलिक भाजपा में ही थी, मगर अब वे कांग्रेस में पहुंचते ही जिला परिषद अधिकारियों के रंगढंग भी बदल चुके हैं।
15 जुलाई की बैठक स्थगित होने से करीब 20 करोड़ के विकास कार्यों के मसौदों पर न चर्चा हो सकी न कोई प्रस्ताव पास हुआ है। अब आगे बैठक कब होगी यह भी तय नहीं है। मैंने अधिकारियों की उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजी है, अब देखते हैं कि इस पर भी सरकार कोई कदम उठाती है या नहीं। जिला परिषद के 22 वार्डों में नए कार्यों के लिए पार्षदों की तरफ से नए एजेंडे शामिल कर इन पर प्रस्ताव पास किए जाने थे, मगर अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैये की वजह से सब ठप पड़ा है।
विज्ञापन

- अनिता मलिक, चेयरपर्सन, नगर परिषद भिवानी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें