भिवानी। शहर के ऐतिहासिक सेठ किरोड़ीमल पार्क मामले में सोमवार को भिवानी न्यायालय में सुनवाई हुई। इसमें नगर परिषद के अधिकारियों की तरफ से योजना का ले आउट प्लान पेश नहीं किया गया। वहीं मामले में अब अगली सुनवाई पांच अक्तूबर को होगी।
कोर्ट ने 21 सितंबर की पिछली सुनवाई में नगर परिषद से पूछा था कि दो करोड़ 10 लाख के बजट से पार्क में क्या-क्या कार्य कराया जाएगा। लेकिन सोमवार को भी नगर परिषद अधिकारियों की तरफ से कोर्ट को पार्क में कराए जाने वाले कार्य का कोई ब्योरा नहीं दिया, जिस पर पांच अक्तूबर तक यथास्थिति बरकरार रहेगी।
श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी के प्रधान विजय बंसल टैनी की तरफ से न्यायालय में की गई शिकायत पर अधिवक्ता मुकेश खरकिया ने बताया कि सिविल जज सीनियर डिविजन अनसुमन की कोर्ट में सोमवार को मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान नगर परिषद की तरफ से न्यायालय में पार्क में कराए जाने वाले कार्य के संबंध में कोई ड्राइंग या फिर ले आउट प्लान पेश नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि सेठ किरोड़ीमल पार्क में 13 सितंबर को पार्क में निर्माण काम शुरू किया गया था। इसके बाद 16 सितंबर को न्यायालय में मामले को चुनौती दी गई थी। जिस पर यथास्थिति के आदेश जारी हुए थे। इस मामले की पिछली सुनवाई 21 सितंबर को हुई थी। इस पर कोर्ट ने नगर परिषद से इस योजना से जुड़े दस्तावेज तलब किए और यह भी पूछा था कि दो करोड़ 10 लाख के बजट से पार्क के अंदर क्या-क्या बनाया जाएगा यानी किस-किस तरह का निर्माण किया जाएगा। इस पर नगर परिषद की तरफ से सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान भी योजना से जुड़े कोई दस्तावेज पेश नहीं किए।
वहीं मामले में शिकायतकर्ता श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी के प्रधान विजय कुमार बंसल टैनी ने बताया कि हर साल सेठ किरोड़ीमल पार्क में रामलीला का एक दिवसीय भव्य मंचन किया जाता है। इसमें बाहर से कलाकार संपूर्ण रामलीला का जीवंत मंचन करते हैं। इस भव्य कार्यक्रम में शहर के सैकड़ों लोगों की भीड़ यहां जुटती है। नगर परिषद इस पार्क के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ करने पर तुला है। इसके बाद इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम यहां नहीं हो पाएंगे। वहीं पार्क को 1948 से इसी स्वरूप में रखे जाने के संबंध में न्यायालय के भी आदेश हैं। ऐसा करने पर न्यायालय के आदेशों की अवमानना का भी मामला बनता है।
विजय बंसल टैनी ने कहा कि वे किरोड़ीमल पार्क की चहारदीवारी और मुख्य गेट लगाने के पक्षधर हैं, इसका कोई विरोध नहीं है। जबकि नगर परिषद पार्क के अंदर इसके मूल स्वरूप को बदलकर इसके अंदर व्यवसायिक गतिविधियां अपने फायदे के लिए शुरू करना चाहती है, जिसे न्यायालय में चुनौती दी गई है।
नगर परिषद की तरफ से अधिवक्ता न्यायालय में बहस के अंदर शामिल हुआ है। इस मामले की अगली सुनवाई अब पांच अक्तूबर तय की गई है। इस दौरान सेठ किरोड़ीमल पार्क में यथास्थिति बरकरार रहेगी।
-भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद, भिवानी।