देवसर चुंगी पर स्थित मुख्य डिस्पोजल।
भिवानी। अब शहरी दायरे में पानी और सीवर लाइन के मसौदे पर मुख्यालय ने फिर आपत्ति लगा दी है। इसे दो दिन में दुरुस्त करने के आदेश भी दिए हैं। शहर के अंदर देवसर चुंगी के मुख्य डिस्पोजल के अंदर नया टैंक बनना है, जिसके डिजाइन और पंपिंग स्टेशन की ड्राइंग को लेकर मुख्यालय के अधिकारियों ने आपत्ति लगा दी है। सोमवार तक अधिकारी आपत्ति का जवाब की तैयारी में जुटे हैं। शहरी दायरे में अमृत द्वितीय चरण के तहत 133 करोड़ से पानी और 57 करोड़ से सीवर लाइन डालने की योजना पर अधिकारी काम कर रहे हैं।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने भिवानी शहर में सीवर सिस्टम के नवीनीकरण का 57 करोड़ का संशोधित मसौदा मुख्यालय भेजा था। इस मसौदे में देवसर चुंगी के मुख्य डिस्पोजल के अंदर शहरी दायरे के गंदे पानी के स्टोरेज के लिए नया टैंक का निर्माण भी किया जाना है। मुख्यालय ने स्टोरेज टैंक के राइजिंग मैन के डिजाइन पर आपत्ति लगाई है। इसी के साथ शहरी पेयजल के लिए भी 133 करोड़ से शहरी दायरे में सौ किमी से अधिक लंबी पानी की लाइन और पंपिंग मशीनरी का काम होना है।
पेयजल मसौदे पर भी मुख्यालय के अधिकारियों ने आपत्ति लगाई है। इसमें वाटर हैड के डिजाइन जिसमें पंप मशीनरी के प्रेशर और उसके डिजाइन को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई है। इसी के साथ शहरी दायरे में अब पेयजल आपूर्ति को 33 जोन में बांटा गया है, जबकि अधिकारियों ने मुख्यालय भेजे मसौदे में सिर्फ 12 जोन ही दर्शाये थे। ऐसे में मुख्यालय ने अब जोन की समुचित जानकारी भी मुख्यालय के समक्ष भेजने के आदेश दिए हैं। जिसके बाद ही इस मसौदे पर तकनीकी मंजूरी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। संवाद
अमृत द्वितीय चरण में शहर के अंदर ये होंगे काम
शहरी दायरे में 56 करोड़ से 25 किलोमीटर लंबी नई सीवर लाइन और पुरानी सीवर लाइन बदला जाना है। दादरी रोड के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का नवीनीकरण होगा। देवसर चुंगी के मुख्य डिस्पोजल के अंदर नया टैंक बनेगा और पंपिंग सिस्टम भी नया लगाया जाएगा। शहर के अंदर 121 पुराने ईंटों से 60 साल पुराने सीवर मैनहोल की जगह आरसीसी के नए मैनहोल बनाए जाएंगे। जबकि नए मसौदे में पूरे शहर के अंदर 1200 नए सीवरमैन होल भी निर्माण कराए जाएंगे।
शहरी दायरे में सीवर सिस्टम सुदृढ़ीकरण कार्य के मसौदे पर मुख्यालय ने आपत्ति लगाई है। इसे दो दिन में दूर किया जाना है। सोमवार को दर्ज कराई गई आपत्तियों को दूर कर फिर से मुख्यालय को अवगत कराया जाएगा। मुख्य डिस्पोजल में नए टैंक की राइजिंग मैन का डिजाइन को लेकर कुछ आपत्ति आई है। इसे फिर से मुख्यालय भेजा जाना है। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द शहरी दायरे के सीवर सुदृढ़ीकरण कार्य की तकनीकी मंजूरी मुख्यालय से दिलाई जाए, ताकि इस पर सरकार की प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
- आशीष कुमार, कनिष्ठ अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।