भिवानी। पिछले करीब तीन साल से नगर परिषद का पूरे शहर में सफाई का मसौदा सिरे नहीं चढ़ पा रहा है। मुख्यालय की आपत्ति पर अब शहरी दायरे में सफाई और स्ट्रीट लाइट पैनल सिस्टम का मसौदा फिर से तैयार कराया जाएगा। इसमें कई बड़े बदलाव भी संभव हैं। नगर परिषद अगले सप्ताह तक सफाई के नए मसौदे को तैयार कर लेगा। जिसके बाद फिर से इसे मुख्यालय में तकनीकी मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
नए मसौदे में हरियाणा सरकार की सफाई कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन देने की नीति को भी शामिल करते हुए सफाई का खाका तैयार होगा। जिसमें पिछले मसौदे से करीब तीन से चार करोड़ ज्यादा राशि बढ़ जाएगी। हालांकि स्ट्रीट पैनल सिस्टम के मसौदे पर भी नप अधिकारी नए सिरे से मंथन करने में जुटे हैं, जिसमें पूरे शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को ही ऑटोमेटिक बनाए जाने के लिए कुछ बड़े बदलाव भी होंगे।
भिवानी शहर की करीब ढाई लाख आबादी 31 वार्डों में बंटी है। हाल ही में नगर परिषद की नौ कॉलोनी भी अधिकृत हो चुकी हैं, जिनका करीब 297.85 एकड़ दायरा भी शहर में शामिल हुआ है। फिलहाल नगर परिषद शहर में सफाई के लिए करीब 14 करोड़ का सालाना बजट खर्च कर रही है। जिसमें नगर परिषद के कर्मचारी और ठेके पर लगे कर्मचारियों के अलावा मशीन से भी सफाई कराई जा रही है। इसके बावजूद आधा से अधिक शहर सफाई से अछूता है। अधिकारियों ने करीब दो साल पहले तीन चरण में पूरे शहर के अंदर सफाई का मसौदा मुख्यालय में तकनीकी मंजूरी को लेकर भेजा हुआ है। जिस पर तीन से चार बार आपत्ति दर्ज हो चुकी हैं। इस मसौदे पर मुख्यालय की तकनीकी मंजूरी के बाद ही इसे प्रशासनिक मंजूरी यानी सरकार के पास भेजा जाना है।
शहरी दायरे को 513 किलोमीटर में सफाई के लिए चिह्नित किया
नगर परिषद ने शहर के 31 वार्डों में सफाई का खाका तैयार कराने से पहले सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार की है। जिसका ब्लूप्रिंट तैयार करने के बाद शहरी दायरे को 513 किलोमीटर में सफाई के लिए चिह्नित किया गया। इसके लिए 300 मीटर के वीआईपी एरिया को प्रथम चरण में शामिल किया गया। जबकि दूसरे चरण में 500 मीटर के दायरे में एक सफाई कर्मचारी की तैनाती के लिए मध्यम श्रेणी तय की गई। इसी तरह 700 मीटर दायरे में निम्न श्रेणी तय हुई, जिसमें एक सफाई कर्मचारी तैनात होगा। सफाई में नए कर्मचारियों की नियुक्ति पर उन्हें सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन भी सफाई के एस्टीमेट में शामिल करना अनिवार्य होगा। पूरे शहर में रोजाना करीब 110 टन कचरा निकल रहा है।
शहर के ये हिस्से सफाई से अछूते
नगर परिषद सरकुलर रोड की मशीन से स्वीपिंग करा रहा है। इसका ठेका दिया हुआ है। इसी तरह सरकुलर रोड के अंदर की कॉलोनियों में नप सफाई कर्मचारी सफाई के लिए तैनात हैं। जबकि सरकुलर रोड से बाहर की कॉलोनियां अभी सफाई से अछूती हैं। शहर के दिनोद रोड, बैंक कॉलोनी, हांसी रोड की देव नगर कॉलोनी, कोंट रोड और ढाणा रोड की काफी कॉलोनियों में कोई सफाई कर्मचारी नहीं है। शहर के बाहर विकसित और हाल ही में अधिकृत कराई गई कॉलोनियों में भी सफाई कर्मचारी नहीं पहुंच रहे हैं।
नए सफाई मसौदे में कौशल से मिलेगा रोजगार
नगर परिषद में फिलहाल करीब पौने तीन सौ सफाई कर्मचारी हैं। इसमें करीब 175 नियमित सफाई कर्मचारी हैं, बाकी कच्चे कर्मचारी हैं। शहर के 31 वार्डों में व बढ़े हुए दायरे में सफाई के लिहाज से करीब साढ़े चार सौ सफाई कर्मचारियों की संख्या तक हो जाएगी। इसके लिए कौशल रोजगार निगम के तहत नए सफाई कर्मचारी भी लगाए जाएंगे। जिन्हें सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन पर शहर में सफाई का काम कराया जाएगा।
पूरे शहर के अंदर स्ट्रीट लाइट का नए सिरे से तैयार होगा एस्टीमेट
नगर परिषद ने शहर में ऑटोमेटिक पैनल सिस्टम से स्ट्रीट लाइट जोड़ने का काम दिया था। जबकि रखरखाव को लेकर अलग से ठेका दिया गया था। स्ट्रीट लाइट रखरखाव ठेकेदार का ठेका पूरा हो चुका है। स्ट्रीट पैनल सिस्टम के मसौदे पर मुख्यालय से भी आपत्ति लगा दी गई है। जिसके बाद अब दोबारा से पूरे शहर में स्ट्रीट लाइट पैनल सिस्टम और नए स्ट्रीट पोल लगाने का एस्टीमेट तैयार होगा। ये एस्टीमेट करीब दस करोड़ तक बनेगा। जबकि पहले वाला एस्टीमेट करीब 40 करोड़ का था। अब तीन गुना कम एस्टीमेट में कई बड़े बदलाव किए गए हैं।
पूरे शहर में सफाई को लेकर अधिकारी अगले सप्ताह तक सरकार की नई हिदायतों के अनुसार सफाई का एस्टीमेट तैयार कराने का काम पूरा कर लेंगे। जिसके बाद इसे तकनीकी मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट पैनल सिस्टम को लेकर भी दोबारा से एस्टीमेट तैयार कराए जा रहे हैं, जिसमें कई बड़े बदलाव किए गए हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि इन दोनों बड़ी परियोजनाओं पर तकनीकी मंजूरी मिल जाएगी, जिसके बाद इस पर आगे तेजी से काम होगा।
-भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद, भिवानी।