फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhiwani News: अब सीबीएलयू में पाठ्यक्रम के अलावा अल्पावधि तकनीकी डिप्लोमा कोर्स कर सकेंगे विद्यार्थी

विज्ञापन
गांव प्रेमनगर ​स्थित सीबीएलयू के  भवन की और बढ़ते विद्यार्थी।
विज्ञापन
भिवानी। अब सीबीएलयू में संबंधित पाठ्यक्रम के अलावा विद्यार्थी अल्पावधि के तकनीकी कोर्से भी कर सकेंगे। इसके लिए सीबीएलयू जल्द ही पांच अल्पकालीन तीन माह के निशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था करने में जुटा है। इसमें विद्यार्थी पांच तरह के कोर्सेज कर हाथ का हुनर सीखेंगे।
विज्ञापन

इन कोर्सों में बारहवीं पास करने के बाद ही विद्यार्थी सीधे दाखिला लेकर मात्र तीन माह के प्रशिक्षण पाने के बाद खुद के रोजगार शुरू करने की दिशा में भी कदम बढ़ा सकेंगे। अब तक सीबीएलयू केवल पाठ्यक्रम से जुड़ी पढ़ाई पर ही ध्यान दे रहा था, मगर अब अल्पावधि के कोर्सेज की शुरुआत की दिशा में भी यूनिवर्सिटी ने सराहनीय पहल की है। इसका फायदा विद्यार्थियों को मिलेगा।

चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की ओर से शाॅर्ट टर्म कोर्सेज यानी अल्पावधि के तकनीकी कोर्स शुरू किए जाएंगे। शुरुआत में पांच कोर्सेज को शामिल किया गया है। इसमें एसी एंड रेफ्रीजरेशन, मोबाइल रिपेयरिंग, सॉफ्ट स्किल्स और अन्य तकनीकी कोर्स शामिल है जोकि विद्यार्थियों के लिए निशुल्क है। इन शॉर्ट टर्म कोर्सेज में दाखिले के लिए आवेदक का बारहवीं पास होना जरूरी है। शॉर्ट टर्म कोर्सेज के तहत विद्यार्थियों की कला को हुनर के रूप में विकसित कर उन्हें रोजगार की दिशा देना मुख्य उद्देश्य है ताकि विद्यार्थी को सर्टिफिकेट के साथ रोजगार भी सुनिश्चित हो सकें।
विज्ञापन




287 फीडबैक मिले, रोजगार सर्जन केंद्र से जुड़े केवल 47 विद्यार्थी

रोजगार सृजन केंद्र की कोऑर्डिनेटर प्रो. सुनीता भरतवाल ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से शुरू किए गए रोजगार सृजन केंद्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की कला को रोजगार क्षमता में तब्दील करना है। रोजगार केंद्र की शुरूआत के समय कैंपस के विद्यार्थियों से फीडबैक लिया गया तो 287 विद्यार्थियों का फीडबैक सकारात्मक मिला लेकिन मात्र 45 विद्यार्थी इस महिम के साथ जुड़ पाए। इसका प्रमुख कारण विद्यार्थियों का ग्रामीण तबके से जुड़ा होना था। विश्वविद्यालय में ज्यादातर छात्राओं की संख्या है और ग्रामीण तबके से होने के कारण वो इस मुहिम के साथ नहीं जुड़ पाई। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के रोजगार सृजन केंद्र के डिप्टी कॉर्डिनेटर रवि विष्णु रोजगार सृजन केंद्र से जुड़ने वाले विद्यार्थियों की सर्वे का कार्य करते हैं। फिलहाल इस साल का सर्वे अभी चल रहा है।



विश्वविद्यालय के रोजगार सृजन केंद्र से प्रेरित होकर दो विद्यार्थियों ने खोली कंपनी

विश्वविद्यालय में रोजगार सृजन केंद्र से प्रेरित होकर दो विद्यार्थियों ने अपनी कंपनी खोली है। विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देने के लिए विश्वविद्यालय के पंजाब नेशनल बैंक के वीरेंद्र ने आर्थिक सहयोग किया। उन्होंने बताया कि स्वावलंबी भारत तरंग के अंतर्गत सीबीएलयू कैंपस, राजीव गांधी कॉलेज और दादरी जिले से लगभग 60 विद्यार्थी जुड़े हैं। कैंपस के छोटे केंद्र पर 17 विद्यार्थी जुड़े और इक्वेशन सेंटर में कुल 51 विद्यार्थी जुड़े हैं। कविता सोनी और उर्षिता बंसल की देखरेख में रोजगार सृजन की गतिविधियां चल रही हैं।
सीबीएलयू का मुख्य उद्देश्य कैंपस के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अब रोजगार भी उपलब्ध कराना है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के साथ विश्वविद्यालय में रोजगार सृजन केंद्र बना है। विश्वविद्यालय में जिला रोजगार सृजन केंद्र के साथ विभिन्न ट्रेनिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं। जहां विद्यार्थियों को रोजगार और उद्यमिता के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी कड़ी में पांच नए अल्पावधि के तकनीकी कोर्सेज को भी अब जल्द शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन


-सुनीता भरतवाल, डीन वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग प्रोफेसर एवं रोजगार सृजन केंद्र कोऑर्डिनेटर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें