भिवानी। समग्र शिक्षा अभियान ने अब जिले के सात पीएमश्री स्कूलों में विद्यार्थियों की रूचि के अनुरूप खुद के खेल मैदान तैयार कराने की योजना बनाई है। इन खेल मैदानों में विद्यार्थी अपने खेल कौशल को निखारेंगे और भविष्य की खेल स्पर्धाओं में जिले के लिए मेडल भी जीतेंगे।
दरअसल, पीएमश्री स्कूलों में ढांचागत सुविधा विस्तार के साथ अब खेल मैदान की सुविधा के लिए भी विभाग ने बजट दिया है। प्रत्येक स्कूल में वहां के विद्यार्थियों की रूचि और खेलों के हिसाब से ही खेल मैदान तैयार किया जाएगा। प्रत्येक स्कूल पर करीब साढ़े तीन लाख रुपये का बजट खर्च आएगा।
भिवानी जिले के सात खंडों में प्रत्येक खंड में एक सरकारी स्कूल को पीएमश्री का दर्जा मिला है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए ढांचागत सुविधाओं में भी विस्तार किया जा रहा है। भिवानी खंड में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भिवानी, तोशाम में गांव बजीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बवानीखेड़ा के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बहल के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कैरू खंड के लेंघा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और सिवानी के गांव कालोद गुढा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के अलावा लोहारू के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में खेल मैदान तैयार होंगे। इन स्कूलों में खेल मैदान स्कूल मैनेजमेंट कमेटी की निगरानी में गठित कमेटी द्वारा किया जाएगा।
सरकारी स्कूलों में अधूरे पड़े कार्यों का काम पूरा कराने पर भी लगी रोक
समग्र शिक्षा अभियान ने जिले के सरकारी स्कूलों में अधूरे पड़े कार्यों को पूरा कराने के लिए करीब दो करोड़ 70 लाख रुपये का बजट जारी किया था। इस बजट से 31 मार्च तक अधूरे पड़े कार्यों को पूरा किया जाना था, जिनमें साइंस लैब निर्माण, चहारदीवारी, कक्षा कक्ष के अधूरे काम पूरे कराने थे। ज्यादातर लोहारू, बहल और सिवानी एवं कैरू खंड के स्कूलों के कार्य शामिल थे, मगर इन कामों पर बजट खर्च पर रोक के मौखिक आदेश अधिकारियों को मिले हैं। इसके बाद इन अधूरे कार्यों के पूरा किए जाने की उम्मीद भी अब कम है। ये काम एसएमसी कमेटियों के माध्यम से कराए जाने थे।
भिवानी जिले के सात पीएमश्री स्कूलों के अंदर खेल मैदान तैयार कराए जा रहे हैं। इनके लिए समग्र शिक्षा अभियान की ओर से तीन लाख 40 हजार प्रत्येक खेल मैदान के लिए बजट मिला है। स्कूलों में खेल मैदान एसएमसी कमेटियों की निगरानी में तैयार कराए जा रहे हैं। इससे पीएमश्री स्कूलों में इन खेल मैदानों का विद्यार्थियों के लिए सर्वांगीण विकास में अहम योगदान होगा। ज्यादातर पीएमश्री कन्या स्कूल हैं, ऐसे में बेटियों को खेल अभ्यास के लिए अब दूर नहीं जाना होगा। वहीं विद्यालय के खेल मैदान में ही अभ्यास कर सकेंगी।
- संतोष नागर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, भिवानी।