स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर कोरोना से लड़ने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों व नागरिक अस्पताल में आने वाले श्वास पीड़ित रोगियों की पहले आरटीपीसीआर कराने के आदेश दिए हैं। इसी के साथ जिन लोगों को सांस लेने में दिक्कत है उनका भी चेकअप से पहले ये टेस्ट कराना अनिवार्य होगा। हालांकि जिला मुख्यालय के अस्पताल में पहले ही ऑक्सीजन प्लांट और ऑक्सीजन सिलिंडरों की व्यवस्था के अलावा चिकित्सकों की जरूरी व्यवस्था की हुई है।
मौसम में बदलाव के साथ ही लोगों को खांसी जुकाम के साथ सांस लेने की दिक्कतें भी बढ़ रही हैं। इस समय बर्फीली हवाओं के चलते ठिठुरन भी बढ़ गई है। इससे मासपेशियां सिकुड़ने के बजाय श्वास रोगियों की तकलीफ भी बढ़ गई है। ऐसे मरीजों को सरकारी अस्पताल में चेकअप से पहले आरटीपीसीआर जांच से गुजरना होगा। उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही चिकित्सक मरीज का चेकअप करेगा। वहीं अस्पताल की ओपीडी सहित स्पेशल वार्डों में भी स्वास्थ्य विभाग ने जरूरी व्यवस्थाएं कराई हैं। हालांकि सरकारी अस्पताल में कई दवाओं का अभी भी टोटा बना है। इनकी डिमांड भी स्वास्थ्य अधिकारियों से की गई है। इसी के साथ इनदिनों निमोनिया के मरीज भी बढ़ रहे हैं। ये मरीज भी चिकित्सक से चेकअप कराने से पहले आरटीपीसीआर जांच कराएंगे।
जिला नागरिक अस्पताल सहित जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर श्वास रोगियों के अलावा निमोनिया से पीड़ित मरीजों की आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य है। इसके अलावा जिला मुख्यालय के अस्पताल पर कोरोना को लेकर भी पुख्ता व्यवस्था कराई गई है। ओपीडी में आने वाले ऐसे रोगियों की भी आरटीपीसीआर होगी, जिन्हें श्वास लेने में दिक्कत हो रही है।
-डॉ रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।