पिछले करीब एक पखवाड़े से चली आ रही गेहूं की सरकारी खरीद में अब किसानों को भुगतान की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालांकि सरकार द्वारा किसानों को फसल खरीद के 72 घंटे के बाद भुगतान का दावा किया गया था। लेकिन इस बार आनलाइन प्रक्रिया में कुछ दिक्कतों की वजह से भुगतान में देरी हुई। लेकिन अब किसानों की फसल खरीद के बाद भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भिवानी पीआर सेंटर के अंतर्गत भिवानी नई अनाज मंडी व राधा स्वामी सत्संग भवन में खरीद केंद्र में खरीदे गए गेहूं के भुगतान की प्रक्रिया शुरू की गई है। खरीद एजेंसी के अधिकारी कंप्यूटर में किसानों की फसल का ऑनलाइन खरीद के बाद भुगतान को लेकर बिल काटने में जुटे हैं।
सरकार के निर्देशानुसार गेहूं की 20 अप्रैल से खरीद शुरू हो चुकी है। लेकिन भिवानी में खरीद 22 से शुरू हुई। अब तक भिवानी मंडी में एक हजार से अधिक किसानों का 16 हजार 400 मीट्रिक टन गेहूं खरीद हो चुका है। जिसमें से साढ़े तीन करोड़ की राशि फसल भुगतान के तौर पर अकेले भिवानी मंडी में हुई खरीद का शामिल है। इसी तरह चांग मंडी में 23 किसानों को 73 लाख की राशि का भुगतान होगा। गांव मिताथल मंडी में 85 किसानों को करीब डेढ़ करोड़ रुपये का फसल खरीद भुगतान किया जाएगा। नंदगांव खरीद केंद्र पर 13 किसानों का 36 लाख 89 हजार का फसल खरीद भुगतान होगा। जिसके बिल तैयार किए जा रहे हैं।
किसानों की फसल खरीद के साथ साथ उनके फसल खरीद का भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। किसानों को फसल खरीद के बाद निर्धारित अवधि में भुगतान उनके खातों में कराया जाएगा।
-अनिल कालरा, नोडल अधिकारी सरकारी खरीद एजेंसी।
जिन किसानों की फसल मंडी में खरीद हो चुकी हैं। उनके भुगतान के बिल कांटे जा रहे हैं। शनिवार और रविवार को खरीद नहीं होगी, लेकिन इस अवधि के दौरान भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, ताकि खरीद के साथ साथ किसानों का भुगतान चलता रहे।
-मुकेश कुमार निरीक्षक, इंचार्ज खरीद केंद्र भिवानी।