भिवानी। जिले के करीब साढ़े 1200 सरकारी स्कूलों में करीब 75 हजार से अधिक विद्यार्थियों की मध्याह्न भोजन की थाली में पौष्टिक तत्व बढ़ाए जाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने मध्याह्न भोजन लागत का बजट बढ़ा दिया है। अब पीएम पोषण के तहत मध्याह्न भोजन के लिए खरीदी जाने वाली सामग्री लागत में बढ़ोतरी की है। विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन देने के उद्देश्य से लागत को बढ़ाया गया है।
संशोधित लागत के अनुसार प्रति बच्चा प्राइमरी स्कूलों के लिए 5.45 रुपये से बढ़ाकर 6.19 रुपये डाइट खर्च कर दिया है। इस तरह से मिड डे मील में 74 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह उच्च प्राइमरी में प्रति बच्चा प्रतिदिन 8.17 रुपये से बढ़ाकर 9.29 रुपये डाइट खर्च किया गया है।
उच्च प्राइमरी में विद्यार्थियों की डाइट में 1.12 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यह लागत केंद्र और राज्य सरकार दोनों द्वारा 60:40 के अनुपात में वहन की जाएगी। अधिकारियों को दिसंबर के पहले सप्ताह से सामग्री लागत में वृद्धि को संबंधितों तक पहुंचाने के लिए कहा गया है। राजकीय स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन खाने के लिए दिया जाता है।
इस योजना को लाने का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को स्कूल में ही पढ़ाई के लिए प्रोत्साहन देना और उनकी स्वस्थ दिनचर्या का ध्यान रखना है। योजना के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को रोजाना अलग-अलग प्रकार का भोजन परोसा जाता है। इसमें राजमा चावल, पूरी, पकौड़ी, हलवा, काला चना, पराठा, मीठी दलिया, सोया पुरी से लेकर फल व दूध जैसे पौष्टिक आहार शामिल हैं। सर्दी का मौसम आने के बाद विद्यार्थियों के भोजन में बदलाव किया जाता है। सर्दियों के मौसम में विद्यार्थियों को मोटा अनाज से बने पकवान परोसे जाते हैं।