भिवानी। अब मिताथल-घुसकानी लिंक ड्रेन को पाइप लाइन के जरिए सीधे निगाना फीडर से जोड़ा जाएगा। इससे चार गांवों की आबादी के अलावा 950 एकड़ कृषि भूमि में अतिरिक्त पानी की निकासी संभव होगी। वहीं अब बड़े गांवों के जोहड़ों के अतिरिक्त पानी की निकासी भी पाइप लाइन के जरिए नजदीकी ड्रेनों में कराई जाएगी।
सिंचाई विभाग ने सात सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इस पर 13 करोड़ 80 लाख का बजट भी खर्च होगा। एक साल की अवधि में ये ड्रेन और गांवों के जोहड़ पाइप लाइन के जरिए सीधे नजदीकी ड्रेन और नहरों से जुड़ेंगे। इससे सेम की समस्या से निजात मिलेगी। वहीं अतिरिक्त पानी का किसान अपने खेतों में सदुपयोग कर सकेंगे।
सिंचाई विभाग मिताथल-घुसकानी लिंक ड्रेन को पाइप लाइन के जरिए निगाना फीडर से जोड़ेगा। इससे गांव घुसकानी, मिताथल, बड़ेसरा, तिगड़ाना के खेतों में जमा होने वाले अतिरिक्त पानी को नहर में डाला जाएगा। इस पर चार करोड़ 97 लाख का खर्च आएगा। इसी तरह गांव सूई और बलियाली के पांच पौंड यानी जोहड़ नजदीकी नहर या चैनल से जुड़ेंगे। इससे खेताें में जमा होने वाला पानी पाइप के जरिए सीधा नहर व चैनल में पहुंचेगा। इस पर भी तीन करोड़ 30 लाख रुपये का बजट खर्च आएगा।
लो लाइन एरिया गांव बड़सी के तीन पौंड भी बास मल्टीपरपज ड्रेन से पाइप लाइन के जरिए जुड़ेंगे। इस पर तीन करोड़ 17 लाख का बजट खर्च होगा। गांव धनाना और जताई के भी तीन पौंड नजदीकी नहरों से पाइप लाइन के जरिए जुड़ेंगे। इससे निचले इलाकों का पानी सीधा पाइपों से नहर में पहुंचेगा। इस पर एक करोड़ 62 लाख का बजट खर्च आएगा।
उपायुक्त के गोद लिए गांव अलखपुरा में भी जगेगी जल निकासी की अलख
गांव अलखपुरा को भिवानी के उपायुक्त नरेश नरवाल ने गोद लिया हुआ है। गांव अलखपुरा की आबादी को अब जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी। गांव की निचले इलाके की आबादी क्षेत्र का अतिरिक्त पानी अब मुंढाल-तालू लिंक ड्रेन में पाइप लाइन के जरिए जाएगा। इससे करीब 120 एकड़ कृषि भूमि को भी फायदा मिलेगा और इस परियोजना पर 64 लाख रुपये का खर्च आएगा। इसका मसौदा भी सिंचाई विभाग ने उपायुक्त के निर्देश पर तैयार किया है।
राजपुरा माइनर और मिताथल-घुसकानी लिंक ड्रेन की क्रॉसिंग पर बनेगा नया प्वाइंट
सिंचाई विभाग गांव सूई और बापोड़ा के बीच राजपुरा माइनर और मिताथल-घुसकानी लिंक ड्रेन की क्रॉसिंग पर अब नया प्वाइंट बनाएगा। यहां पर पाइन लाइन डाली गई हैं, लेकिन यहां पर एक बॉक्सनुमा प्वाइंट तैयार होगा। इससे भी आसपास के खेतों का अतिरिक्त पानी इसके अंदर पहुंचेगा। इस पर 56 लाख रुपये का बजट खर्च आएगा। सिंचाई विभाग को इसकी मंजूरी मिल चुकी है।
तालु माइनर में भी अब जोहड़ का अतिरिक्त पानी होगा जमा
तालु माइनर में भी अब गांव की निचले इलाकों में आबादी क्षेत्र का पानी ओपन ड्रेन के माध्यम से डाला जाएगा। इस पर करीब 55 लाख रुपये का बजट खर्च आएगा। इस सिंचाई परियोजना से तालू गांव के जोहड़ों का पानी भी आबादी में नहीं घुसेगा। इस पानी का किसानों के लिए सदुपयोग किया जाएगा।
सिंचाई विभाग ने गांवों की निचली आबादी वाले क्षेत्रों और जोहड़ों के अतिरिक्त पानी को नजदीकी माइनर और ड्रेनों में पहुंचाने के लिए पाइप लाइन डालने की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसके अलावा कई मिताथल-घुसकानी लिंक ड्रेन से निगाना फीडर को पाइप लाइन से जोड़ा जाएगा। इससे खेतों और निचले इलाकों की आबादी वाले क्षेत्रों के अतिरिक्त पानी की निकासी संभव हो पाएगी। ये कार्य एक साल की अवधि में पूरा कर लिया जाएगा। इन कार्यों के टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही काम अलॉट कर दिए जाएंगे।
- जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी सिंचाई विभाग।
हरियाणा सरकार ने नहरों के डिजाइन में बदलाव कर टेल तक पानी पहुंचाने का काम किया है। गांवों के निचले इलाकों के जोहड़ जो ओवर फ्लो होते थे, उनको भी अब नजदीकी नहरों और ड्रेनों से जोड़ा जा रहा है ताकि अतिरिक्त पानी को इनके अंदर छोड़ा जा सके और किसानों के खेतों में फसल प्रभावित न हो। सरकार ने गांव के पौंड तक पाइप लाइन डालने की परियोजनाओं को अनुमति दी है। जिस पर जल्द काम शुरू कराया जाएगा।
- जयप्रकाश दलाल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, हरियाणा सरकार।