स्वास्थ्य विभाग में अब मिशन कर्मयोगी योजना के तहत कर्मचारी मरीजों के साथ उनके तीमारदारों के साथ मधुर भाषा में व्यवहार करते नजर आएंगे। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मिशन कर्मयोगी राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम को शुरू करने की मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना मिशन कर्मयोगी को हरियाणा में मुख्यमंत्री ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया है। देश में हरियाणा पहला राज्य है जहां हिपा पंचकूला के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण देकर विभाग में इसे लागू करने के लिए शुरुआत की है। एक दिवसीय प्रशिक्षण भी सभी वरिष्ठ चिकित्सकों व कर्मचारियों को दिया गया है। मास्टर ट्रेनर वरिष्ठ दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद कुमार, डॉ. संजय वेद, डॉ. हरीश, डॉ. कमल, डॉ. वीणा, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. शशी, डॉ. सुनील, डॉ. हिमांशु, डॉ. सविता प्रशिक्षण लेकर अब विभाग में कर्मचारियों में चिकित्सकों को मिशन कर्मयोगी का प्रशिक्षण देंगे।
डॉ. विनोद पंवार ने बताया कि मिशन कर्मयोगी योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की क्षमताओं को विकसित करना है। इसके लिए सरकार द्वारा कई सारे संशोधन किए जाएंगे। जैसे कि कर्मचारियों को ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी, ई-लर्निंग कंटेंट प्रदान किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से सरकारी कर्मचारियों की कार्य क्षमता को बढ़ाया जाएगा। कर्मयोग करने वाले अपने और दूसरों के कार्य में मदद करने की भावना रखते हैं, जिससे कि वो न सिर्फ अपना काम सही तरीके से करते हैं, बल्कि अपने साथी की भी मदद करते हैं। डॉ. विनोद पंवार ने बताया कि 31 मार्च 2024 तक विभाग में सभी कर्मचारियों की यह ट्रेनिंग मिशन कर्मयोगी के तहत पूरी करवानी है।