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Haryana : निजी स्कूलों में परीक्षा में तीसरी बार कोताही मिली तो होगी मान्यता रद्द

Thu, 27 Jul 2023 02:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)

सार

गुरुवार से शुरू होने वाली दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं में कोई बाहरी उड़नदस्ता नहीं होगा। इसमें बोर्ड अध्यक्ष, बोर्ड सचिव और बोर्ड उप सचिव का उड़नदस्ता ही प्रदेशभर के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर नकलियों पर शिकंजा कसेगा। इसी के साथ परीक्षा केंद्र में बोर्ड कर्मचारी आब्जर्वर होंगे।
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HBSE Gate - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं के लिए निजी स्कूलों में बनाए गए केंद्रों पर अब किसी प्रकार की कोताही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पहली बार तीन लाख जुर्माना, दूसरी बार में पांच लाख जुर्माना और तीसरी बार निजी स्कूल की मान्यता रद्द की जाएगी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशक मंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया है।

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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं के लिए सरकारी स्कूलों के साथ प्राइवेट स्कूलों में भी परीक्षा केंद्र गठित करता है। अब प्राइवेट स्कूलाें में गठित परीक्षा केंद्र के अंदर कोई भी टीचर ड्यूटी में कोताही बरतता है या फिर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई जाती हैं तो सख्त कार्रवाई होगी।

 

ऐसी सूरत में पहली बार गलती पर तीन लाख का जुर्माना या मान्यता रद्द या फिर दोनों सूरत में कार्रवाई होगी। दूसरी बार उसी परीक्षा केंद्र में कोताही मिलने पर पांच लाख रुपये जुर्माना या मान्यता रद्द या फिर दोनों का प्रावधान किया है, जबकि तीसरी बार कोताही मिलने पर मान्यता रद्द का प्रावधान कर दिया है।
 

प्रमाणपत्र वेरिफिकेशन फीस बढ़ी
शिक्षा बोर्ड ने अब डुप्लीकेट और असल प्रमाण पत्र के लिए फीस में भी बढ़ोतरी की है। इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी हुआ है। इसके तहत अब डुप्लीकेट और मूलप्रमाण पत्र के लिए सत्यापन फीस 500 रुपये निर्धारित की है। पहले ये फीस 300 रुपये ली जाती थी।

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अब सिर्फ तीन अधिकारियों के होंगे उड़नदस्ते
बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में नकल पर अंकुश लगाने और अनियमितताओं को रोकने के लिए अब बोर्ड अध्यक्ष, बोर्ड सचिव और बोर्ड उप उपाध्यक्ष के उड़नदस्ते को ही अधिकृत किया है। जबकि पहले जिला प्रशासनिक अधिकारी, सरकारी स्कूलों के प्राचार्य व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भी बोर्ड उड़नदस्तों में ड्यूटी लगाई जाती थी। अब ये सभी उड़नदस्ते निरस्त कर दिए हैं।
 

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड निदेशक मंडल की बैठक में निजी स्कूलों के परीक्षा केंद्रों में कोताही मिलने पर पहली, दूसरी और तीसरी गलती पर तीन लाख, पांच लाख और मान्यता रद्द किए जाने का प्रावधान कर दिया है। बोर्ड कर्मचारी परीक्षा में ऑब्जर्वर होंगे। लंबे अर्से तक जिन कार्यों में बोर्ड ने फीस नहीं बढ़ाई थी, उनमें भी आंशिक बढ़ोतरी का प्रावधान कर दिया है। -डॉ. वीपी यादव अध्यक्ष हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी।

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