पंचायती चुनाव को लेकर जैसे-जैसे सरगर्मी तेज हो रही है उसी के साथ जिला और पुलिस प्रशासन भी शांतिपूर्वक मतदान कराने की प्रक्रिया में जुट गया है। पंचायती चुनावों को लेकर जिले भर में लाइसेंसी हथियारों को गन हाउस व पुलिस थानों में जमा कराए जाने के सख्त आदेश दिए हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद भी अब भी एक हजार सात लोग ऐसे हैं, जिनके लाइसेंसी हथियार थानों या गन हाउसों में जमा नहीं हुए हैं।
ऐसे में अब पुलिस प्रशासन भी सख्त हो गया है। पुलिस अधीक्षक ने 27 अक्तूबर तक हर हाल में लाइसेंसी हथियार जमा कराने के सख्त आदेश दिए हैं। इसके बाद हथियार मालिक के हथियार लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
पंचायती चुनावों में किसी प्रकार का कोई दंगा या फिर झगड़ा न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन ने जिले भर में सभी लाइसेंसी हथियारों को नजदीकी पुलिस थानों में जमा कराए जाने की सख्त हिदायतें दी थी। लेकिन अभी भी जिले में एक हजार सात लोगों के लाइसेंसी हथियार न तो संबंधित पुलिस थानों में पहुंचे हैं न ही इनके किसी गन हाउस में रखे होने की कोई सूचना पुलिस के समक्ष अभी तक दी गई है।
जबकि पुलिस कप्तान की तरफ से यह भी हिदायतें दी गई थी कि कोई भी लाइसेंसी हथियार गन हाउस में भी जमा कराया जा सकता है बशर्ते गन हाउस में जमा लाइसेंस की रसीद संबंधित पुलिस थाने में दिखानी अनिवार्य है। भिवानी जिले में तीन हजार 744 लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रखने का लाइसेंस दिया हुआ है।
पंचायती चुनावों के दौरान एसपी के निर्देश के बाद दो हजार 732 लोगों ने अपने लाइसेंसी हथियार संबंधित थानों में जमा कराए हैं, जबकि एक हजार सात लोगों ने अभी तक लाइसेंस जमा कराने की कोई सूचना पुलिस को भी नहीं दी है।
सुरक्षा ड्यूटी में तैनात लोगों को कमेटी से देनी होगी रिपोर्ट
बैंकों की सुरक्षा में तैनात कार्ड या फिर किसी निजी सुरक्षा में लगे सुरक्षा कर्मियों को चुनाव के दौरान अपने हथियार पास रखने की छूट हैं, लेकिन ये छूट भी तब है तब उपायुक्त कार्यालय में गठित कमेटी इस संबंध में रिपोर्ट दे कि ये लाइसेंस जमा होने चाहिए या फिर इन्हीं के पास रहने दिए जाएं। इस रिपोर्ट के नहीं आने पर भी पुलिस इन लाइसेंसी हथियारों को जमा नहीं कराए जाने संबंधित कोई ढील नहीं दे सकती है।
दो दिन में जमा नहीं कराया हथियार तो होगा लाइसेंस रद्द
पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह ने पंचायती चुनावों को लेकर लाइसेंसी हथियार मालिकों को आगाह किया है कि वे दो दिन के अंदर यानी 27 अक्तूबर तक अपने लाइसेंसी हथियार संबंधित पुलिस थानों में जमा कराए। इसके बाद आदेशों की अवमानना करने वालों के हथियार के लाइसेंस रद्द किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह ने आम जनता से भी अपील की है कि चुनाव के दौरान यदि कोई व्यक्ति शांति भंग करता है या किसी तरह का कोई षड्यंत्र रचता है तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा। उन्होंने आम लोगों का आह्वान किया कि पंचायती चुनावों को शांति पूर्वक संपन्न कराने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।