भिवानी। हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय ने प्रदेशभर में नए सत्र से बच्चों के दाखिले के दौरान स्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर शिकंजा कस दिया है। प्रदेशभर के करीब साढ़े आठ हजार निजी विद्यालयों को फीस बढ़ोतरी से पहले फार्म-6 जमा कराकर 31 मार्च तक इसकी अनुमति शिक्षा निदेशालय से लेनी होगी। वहीं, प्रदेशभर में निजी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे करीब साढ़े 12 लाख विद्यार्थियों से निजी स्कूल हर साल पंजीकरण फीस के नाम पर मोटा शुल्क नहीं वसूल सकेंगे।
शिक्षा सत्र 2023-24 को लेकर निजी स्कूलों में दाखिला शुरू हो चुके हैं, जबकि शिक्षा निदेशालय ने स्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को 31 मार्च तक फार्म-6 शिक्षा विभाग के एमआईएस पोर्टल पर ऑनलाइन जमा कराने के आदेश दिए हैं। फर्म-6 में प्रत्येक निजी विद्यालय की समुचित जानकारी, ढांचागत सुविधाओं के साथ फीस निर्धारण का भी विवरण दर्ज होता है। ये फार्म ऑनलाइन ही शिक्षा विभाग के एमआईएस पोर्टल पर निजी स्कूल अपना पासवर्ड और लॉगइन का इस्तेमाल करते हुए भर सकते हैं। फार्म-6 के भरे कोई भी निजी स्कूल नए शैक्षणिक सत्र में फीस बढ़ोतरी नहीं कर पाएगा। वहीं, पंजीकरण शुल्क केवल पहली, छठी, नौवीं और 11वीं में केवल नए बच्चे के प्रवेश पर ही केवल एक बार लिया जाएगा, जबकि निजी स्कूल हर साल अगली कक्षा में प्रवेश करने वाले विद्यार्थी से भी पंजीकरण शुल्क वसूल रहे हैं, जो शिक्षा नियमावली के नियमों के विरुद्ध है। संवाद
नहीं लगा सकते निजी स्कूल अपना पाठ्यक्रम
शिक्षा नियमावली के अनुसार कोई भी निजी स्कूल अपना पाठ्यक्रम नहीं लगा सकता है। स्कूलों में केवल एनसीईआरटी द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम की पुस्तकों को ही पढ़ाना अनिवार्य है। इसके लिए प्रत्येक कक्षा में बस्ते का बोझ यानी किताबों के निर्धारण के साथ उनका वजन भी तय किया है।
सभी स्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को 31 मार्च तक शिक्षा विभाग के एमआईएस पोर्टल पर फार्म-6 जमा कराना अनिवार्य है। इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। ये फार्म ऑनलाइन ही विभाग के पोर्टल पर जमा कराना जाना है। कोई भी निजी स्कूल फार्म-6 में फीस ढांचा दर्शाये बिना कोई शुल्क नहीं बढ़ा सकता है। पंजीकरण फीस स्कूल में नए प्रवेश पर ही ले सकते हैं। हर साल प्रत्येक विद्यार्थी से केवल ट्यूशन फीस ही ली जा सकती है। किसी विद्यालय के खिलाफ कोई शिकायत आती है तो इस पर कार्रवाई होगी।
- नरेश महता, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।