भिवानी। अब भिवानी सर्कल में भिवानी और चरखी दादरी जिलों के साढ़े चार लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के निगम कार्यालयों में रखे करीब दो दशक पुराने दीपक चाट रहे रिकॉर्ड को नष्ट किया जाएगा। 20 साल से अधिक पुराने बिजली उपभोक्ताओं के मैनुअल रिकॉर्ड को नष्ट किए जाने से पहले उसका सर्कल स्तर पर गठित कमेटी अवलोकन कर निर्णय लेगी।
इतना ही नहीं अब पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल रिकॉर्ड में बदला गया है। इसी के साथ भिवानी सर्कल के भिवानी और चरखी दादरी जिलों की सभी 17 सब डिविजनों को भी आरएपीडीआरपी सिस्टम से जोड़ा गया है। इसमें किसी भी बिजली उपभोक्ता का अब ऑनलाइन एक क्लिक पर रिकॉर्ड व खाता स्क्रीन पर सामने होगा।
हरियाणा में बिजली बोर्ड के गठन के समय से ही उपभोक्ताओं के कनेक्शन संबंधी मैनुअल रिकॉर्ड को निगम के संबंधित सब डिविजन कार्यालयों में संभालकर रखा गया है। किसी सब डिविजन में 1966 तो किसी सब डिविजन में 1980 से लेकर बिजली उपभोक्ताओं का मैनुअल रिकॉर्ड रखा है। ये रिकॉर्ड इतना पुराना और खस्ताहाल हो चुका है कि इसे अब दीमक चाट रहा है।
कई कार्यालयों में तो पूरे कमरे ही पुराने रिकॉर्ड से भरे पड़े हैं, जिन्हें पिछले कई सालों से खोलकर देखा तक नहीं गया है। निगम में बिजली कनेक्शन लेने के लिए पहले उपभोक्ताओं को काफी दस्तावेज आवेदन के साथ लगाने पड़ते थे। इन आवेदनों को कनेक्शन जारी होने के बाद निगम कार्यालयों में संभालकर रखा जाता है, जब भी किसी विवाद में इनकी जरूरत पड़ती तो उन्हें पेश किया जाता था।
बिजली निगम ने अब भिवानी सर्कल की सभी 17 सब डिविजनों को आरएपीडीआरपी सिस्टम (री-स्ट्रक्चर एक्सीलरेटेड पावर डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म प्रोग्राम) से जोड़ दिया है। इसके बाद अब मैनुअल रिकॉर्ड को डिजिटल रिकॉर्ड में बदला जा चुका है। निगम कार्यालयों में मौजूद इस मैनुअल रिकॉर्ड को अब निगम नष्ट करने का मन बना चुका है। इसी को लेकर डिविजन स्तर पर निगम प्रबंधन ने आदेश जारी किए हैं। इसके लिए सर्कल स्तर पर एक कमेटी भी बनाई है, जो रिकॉर्ड का अवलोकन कर उसे नष्ट किए जाने के संबंध में अंतिम फैसला लेगी। संवाद
आरटीआई व अन्य शिकायतों पर भी अब डिजिटल रिकॉर्ड कराया जाएगा मुहैया
दरअसल, बिजली निगम कार्यालयों में पुराने रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के पीछे एक मकसद यह भी रहा है कि जनसूचना अधिकार अधिनियम व संबंधित शिकायतों पर पुराना रिकॉर्ड मांगने पर इसे उपलब्ध कराया जा सके। किसी विवादित कनेक्शन के संबंध में भी मैनुअल रिकॉर्ड की जांच की जा सकती थी। मगर अब आरएपीडीआरपी सिस्टम में बिजली उपभोक्ताओं का सारा रिकॉर्ड हिसार मुख्यालय के बैक ऑफिस में सुरक्षित है। कनेक्शन लेने के बाद संबंधित सभी दस्तावेजों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया गया है। ये दस्तावेज मूल रूप में कंप्यूटर के अंदर दशकों तक सुरक्षित रखे जाएंगे।
रिकॉर्ड नष्ट होने से मिलेगी कार्यालय में बैठने के लिए जगह
सब डिविजनों में पुराने रिकॉर्ड से एक या दो कमरे भरे पड़े हैं। इस रिकॉर्ड को नष्ट किए जाने के बाद इन कमरों के अंदर कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था की जा सकेगी।
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भिवानी सर्कल की सभी 17 सब डिविजनों में 20 साल पुराने रिकॉर्ड का अवलोकन उपरांत उसे नष्ट किए जाने का निर्णय लिया है। इसके लिए सर्कल स्तर पर एक कमेटी का गठन किया है। जो इस रिकार्ड को नष्ट किए जाने संबंधी अनुमति देगी। सभी सब डिविजन आरएपीडीआरपी सिस्टम से जुड़ चुकी हैं। सभी उपभोक्ताओं का समस्त रिकॉर्ड भी डिजिटल उपलब्ध है। ऐसे में कार्यालयों के अंदर रखे पुराने मैनुअल रिकॉर्ड में दीमक लग चुका है।
-रणबीर सिंह, महाप्रबंधक, भिवानी सर्कल, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम।