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शहर की आधी कॉलोनियों के लिए कोई सफाई कर्मी ही नहीं, कैसे हो शहर साफ

Sun, 06 Dec 2015 12:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
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भिवानी। शहर को साफ स्वच्छ रखने के दावे किए जा रहे है। प्रशासनिक अधिकारी भी निरीक्षण कर रहे है। मगर शहर की आधी कॉलोनियों के लिए कोई सफाई कर्मी ही नहीं। ऐसे में कैसे शहर साफ सुथरा होगा। शहर की अधिकतर कॉलोनियों में कचरे के ढेर लगे हैं। प्रशासनिक अधिकारी शहर के मुख्य मार्गों का निरीक्षण कर रहे हैं और नप कर्मचारी भी अब मुख्य मार्गों की सफाई में ही जुटे है जबकि कॉलोनियों का गंदगी से बुरा हाल है। सफाई नहीं होने और गंदगी के ढेर के कारण आमजन ही नहीं पार्षदों में भी रोष है।
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कहने को तो नगर परिषद के पास 215 नियमित और 160 अनुबंधित कर्मचारी है। मगर ये सफाई कर्मचारी कहां सफाई कर रहे है इस पर सवाल उठ रहे है। दरअसल नगर परिषद प्रशासन ने अधिकतर सफाई कर्मचारियों को मुख्य बाजारों, मुख्य मार्गों की जिम्मेदारी दे रखी है। ऐसे में मुख्य मार्गों के हालात में तो कुछ सुधार हुआ है मगर शहर की कॉलोनियों में हालात खराब है। गंदगी से परेशान पार्षद अब खुलकर नप अधिकारियों, पदाधिकारियों का विरोध करने लगे है। पिछली बैठक में भी सफाई के मुद्दे पर खूब बहस हुई।

किन कॉलोनियों का क्या है हाल

वार्ड 30: डीसी कॉलोनी, बिजली बोर्ड कॉलोनी, पार्क कॉलोनी, न्यू पार्क कॉलोनी में कोई सफाई कर्मचारी नहीं जाता। जगत कॉलोनी, रामगनर में 40 के करीब गलियां है मगर सफाई कर्मी महज एक। ऐसे में लोग खाली प्लाटों में ही कचरा फेंक रहे है। खाली प्लाटों में कचरे के ढेर लगे है।
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वार्ड 20: 12 से अधिक कॉलोनी, मोहल्ले और सफाई कर्मचारी महज दो। केएम कॉलोनी, राय सिंह की ढाणी, सराय चौपटा क्षेत्र, आजाद मोहल्ला, खाड़ी मोहल्ला, जुगल किशोर गली, वैश्य स्कूल क्षेत्र समेत वार्ड अधिकतर एरिया में सफाई व्यवस्था ठप है। पार्षद ने पिछली बैठक में भी सफाई के लिए आवाज उठाई।

वार्ड आठ: शहर की सबसे बड़ी बैंक कॉलोनी में कभी कोई सफाई कर्मचारी नहीं जाता। भारत नगर, न्यू भारत नगर की भी 40 से अधिक गलियों के लिए भी महज दो कर्मचारी है। ऐसे में यहां का आलम क्या होगा सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

वार्ड एक: सेक्टरों की सफाई हुड्डा करवाये। बाकी कॉलोनियों में सफाई की जरूरत नहीं। नप के रवैये से तो यहीं लग रहा है। वार्ड एक की फ्रेंड्स कॉलोनी, लाजपत नगर, सिटी स्टेशन, नेताजी नगर, देवीलाल कॉलोनी में कोई सफाई कर्मी नहीं जाता।

वार्ड 26: गंदगी से अटी नालिया, गंदगी के ढेर। यही पहचान बन गई है वार्ड 26 की। वार्ड में यूं तो शक्ति विहार, अस्पताल कैंपस, अनाथ आश्रम क्षेत्र, स्टेशन के सामने का एरिया आदि कॉलोनियां आती है मगर पुराना शहर होने के कारण यहां नालियां व नाले है।  नाले और नालियां गंदगी से अटी पड़ी है और इनकी सफाई के लिए कोई कर्मचारी नहीं।


क्या कहते है पार्षद

बैंक कॉलोनी शहर की सबसे बड़ी कॉलोनी है। मगर वहां कोई सफाई कर्मचारी नहीं है। वार्ड आठ के लिए आठ सफाई कर्मचारी है मगर दो आते नहीं। बाकी छह में बजरंग बली में एक, एमसी कॉलोनी में तीन, भारत नगर और न्यू भारत नगर में एक-एक सफाई कर्मचारी है। जबकि एरिया बहुत ज्यादा है। सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है।
मांगेराम, पार्षद, वार्ड आठ
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डीसी कॉलोनी, बिजली बोर्ड कॉलोनी, पार्क कॉलोनी, न्यू पार्क कॉलोनी के लिए कोई सफाई कर्मी नहीं है। रामनगर, विजय नगर, जगत कॉलोनी जैसी बड़ी कॉलोनियों में भी एक-एक कर्मचारी है। ऐसे में कॉलोनियों के खाली प्लॉटों में कचरे के ढेर लगे है। नगर परिषद के ईओ के साथ साथ एसडीएम के समक्ष भी सफाई की मांग रखी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
सविता देवी, पार्षद
वार्ड 30
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बिछवाना जोहड़ गंदगी से अटा पड़ा है। हनुमान गेट से दादरी गेट तक का नाला 90 प्रतिशत ठप है। बिरवान पाना, नारनौली मोहल्ला, कुम्हारों का मोहल्ला में कोई सफाई कर्मी नहीं आता।
जगदीश चंद्र, पार्षद, वार्ड 15
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पूरे वार्ड के लिए महज दो कर्मचारी है। एक बड़ी गली की सफाई का नंबर 25 से 30 दिन में आता है। ऐसे में सफाई व्यवस्था कैसी होगी खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है। नप अधिकारी कहते है रेहड़ी दी है मगर कर्मचारी तो नहीं। सफाई कौन करे। एक साल से सफाई कर्मचारी मांग रहे है।
शिव कुमार, पार्षद, वार्ड 20
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वार्ड एक: यहां नहीं कोई सफाई कर्मचारी। वार्ड एक में सेक्टर 13, न्यू हाउसिंग बोर्ड  के साथ फ्रेंडस कॉलोनी, लाजपत नगर, सिटी स्टेशन आदि करीब 10 कॉलोनियां है। मगर आउटर की कॉलोनी कहकर इनमें सफाई को नजरअंदाज किया जा रहा है। यहां कोई सफाई कर्मचारी नहीं दे रखा। सेक्टर की सफाई तो हुडा के कर्मचारी करते है। बाकी में लोग स्वयं ही संभालते है।
विजय पंचगावा, पार्षद, वार्ड 01
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... ये कैसी व्यवस्था
डस्टबीन के बाहर फैले कचरे को अंदर डालने में लगे है 24 कर्मचारी
शहर के मुख्य मार्गों, स्थानों पर नगर परिषद की ओर से लगाए डस्टबीन के बाहर फैलने वाले कचरे को डस्टबीन में डालने के लिए ही 24 कर्मचारी नियुक्त किए गए है। ऐसे में शहर के वार्डों की कॉलोनियों की व्यवस्था बिगड़ गई है। एक जगह व्यवस्था बनाने के लिए दूसरी जगह व्यवस्था बिगाड़ दी गई है।


वर्जन:::
पूरे शहर में सफाई करवाई जाएगी। अब जिला प्रशासन पूरी तरह सफाई व्यवस्था पर फोकस करेगा। नियमित रूप से जांच करवाई जाएगी।
सतपाल सिंह, एसडीएम
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वर्जन:::
शहर में एक समान सफाई के लिए प्रयास किए जा रहे है। पूरे शहर में सफाई अभियान चल रहा है। सफाई कर्मचारी कम है। जल्द ही ऑटो खरीद हर गली से कचरा उठाने की योजना है।
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भवानी प्रताप, चेयरमैन, नगर परिषद


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