भिवानी। शहर के जिला नागरिक अस्पताल परिसर में स्थित राजकीय आयुर्वेदिक एवं पंचकर्म अस्पताल में जांच करवाने के लिए आने वाले मरीज मूलभूत सुविधा नहीं मिलने से परेशान हैं। अस्पताल में बने दवा स्टोर पर दवाओं की कमी चल रही है। इसके अलावा मरीजों के लिए शौचालय और पीने के पानी की सुविधा नहीं है। इस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बता दें कि राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में मरीजों के लिए मूलभूत सुविधाओं की कमी है। मरीजों के लिए बनाए गए शौचालय गंदगी से अटे पड़े हैं। शौचालय में कचरे के ढेर लगे पड़े हैं। शौचालय में पानी व बिजली की सुविधा नहीं है। वहीं मरीजों के लिए पीने के पानी का कोई प्रबंध नहीं है। इसके अलावा अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए दवाओं का टोटा बना हुआ है।
अस्पताल स्टाफ से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रतिदिन अस्पताल में औसतन 90 मरीज दवा लेने आते हैं। अस्पताल में स्थित आयुर्वेदिक ओपीडी में प्रतिदिन सामान्य रोग, स्त्री रोग, शरीर दर्द, पेट संबंधी, एलर्जी, त्वचा संबंधी मरीज ज्यादा आ रहे हैं। लेकिन अस्पताल में आने वाले पेट संबंधी रोगों में कब्ज को दूर करने के लिए दिए जाने वाले त्रिफला चूर्ण, लवण भास्कर व अभयारिष्ट दवा लंबे समय से नहीं है। इसके अलावा महिलाओं में माहवारी संबंधी समस्याओं में दिए जाने वाली अश्वकुमारी, अशोकारिष्ट, लौद्रासव दवा भी मौजूद नहीं है। इस कारण चिकित्सकों को भी विकल्प के तौर पर किसी अन्य दवा को लिखना पड़ रहा है।
दवा की कमी के चलते मरीज भी परेशान रहते हैं। दवा नहीं होने के कारण मरीज भी आयुर्वेदिक ओपीडी में जाने से दूरी बना रहे हैं। अस्पताल में जांच करवाने आए देवसर निवासी प्रीतम सिंह ने बताया पिछले एक माह से उसका इलाज यहां चल रहा है। लेकिन कुछ दवा हर बार उसे बाहर से खरीदनी पड़ रही है। इसके लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। आयुर्वेदिक दवा महंगे दाम में मिलने के कारण परेशानी होती है।
वहीं कुछ मरीजों ने कहा कि दवा महंगे दाम में मिलती हैं। इसलिए राजकीय स्टोर पर दवा नहीं मिलने के कारण परेशानी होती है। आयुर्वेदिक इलाज लंबा चलता है। दवा नहीं मिलने के कारण इलाज बीच में बंद भी करना पड़ता है। वहीं अस्पताल में पीने के लिए पानी नहीं है। इसके अलावा शौचालय की सुविधा नहीं है। शौचालय में गंदगी जमी हुई है।
ये दवा नहीं हैं स्टोर पर
अस्पताल में स्थित स्टोर पर अशोकारिष्ट, लौद्रासव, आमलकी चूर्ण, सितोपलादी चूर्ण, त्रिफला चूर्ण, लवणभास्कर, चंद्रप्रभा वटी, आरोग्यवर्धिनी वटी, सारस्वतारिष्ट, कांचनार गुग्गुल वटी, भृंगराजासव, कुमारी अश्व, अभयारिष्ट, अशोकारिष्ट, अर्जुनारिष्ट, दशमूलारिष्ट सहित अन्य दवा स्टोर पर मौजूद नहीं है।
अस्पताल में आने वाले दवाओं के सैंपल स्वास्थ्य विभाग को भेज रखे हैं। सैंपल जांच की रिपोर्ट आने के बाद दवाओं को मरीजों के लिए उपलब्ध करवा दिया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल में एक स्वीपर है। इस कारण शौचालय की सफाई नहीं हुई है। महिला व पुरुष मरीजों के लिए बनाए गए शौचालय की सफाई करवा कर जल्दी ही मरीजों के लिए शुरू कर दिए जाएंगे।
-डॉ. रश्मि, प्रभारी राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल एवं पंचकर्म केंद्र भिवानी।